कटिहार:  परदेसी दूल्हे को खदेड़कर बाल विवाह का विरोध करने वाली चांदनी पर आज पूरे गांव व समाज को नाज है। आर्थिक तंगी के कारण चांदनी का बाल विवाह उसके निकट संबंधी की पहल पर कराया जा रहा था, लेकिन उसने इसका खुलकर विरोध किया और शादी करने से सीधे मना कर इसका विरोध शुरू किया। शुरुआत में परिवार का दबाव और शादी टूटने की बात कहकर उनके आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन चांदनी ने हार नहीं मानी। भूमिका विहार संस्था से सहयोग लेकर उसने शादी करने से मना कर दिया और बाल विवाह के दलदल से मुक्त हुई।


नवगछिया न्यूज़ WhatsApp Group

दो भाई और चार बहनों की जिम्मेदारी के कारण चांदनी का बाल विवाह कराने की जिद थी। लेकिन चांदनी आगे पढऩा चाहती थी। परिवार में जिम्मेदारी रहने के कारण परिवार के लोग चांदनी को पढ़ाने में असमर्थता व्यक्त कर रहे थे। इस कारण उनकी पढ़ाई की फीस भी बंद कर दी गई थी। इस स्थिति में भी चांदनी ने हार नहीं मानी। भूमिका विहार द्वारा उसे आगे पढऩे में मदद भी की जा रही है। इसके कारण वे आगे की पढ़ाई कर कुछ बनना चाहती है। खुद की परेशानी को देखकर उन्होंने बाल विवाह और दहेज उन्मूलन सहित नारी शिक्षा को लेकर मुहिम तेज कर दी। खुद बाल विवाह से बची चांदनी औरों को बचाने की मुहिम चला रही है। इसको लेकर उन्होंने लड़कियों को साथ लेकर बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए पीएम के नाम पत्र लिखकर पंचायत स्तर पर विवाह निबंधन की प्रक्रिया प्रारंभ करने का अनुरोध किया है।

सामाजिक कुरीति के खिलाफ बुलंद कर रही आवाज :

चांदनी बताती हैं कि अब भी समाज में लड़कियों की शिक्षा को दरकिनार किया जाता है। अशिक्षा के कारण लोग समाज की मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाए हैं। उन्होंने कहा कि आज भी लड़कियों की पढ़ाई जरुरी नहीं समझी जाती है। चांदनी इसके लिए ग्रामीणों को जागरूक कर बेटियों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके साथ ही वे लड़कियों को बाल विवाह का विरोध करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही वे समाज में बाल विवाह जैसे अभिशाप और इसके कानूनी प्रावधान को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। समाज में बदलाव लाना और घरेलू ङ्क्षहसा के खिलाफ बालाओं को जागरूक करना चांदनी अपना मकसद बना चुकी हैं और उनका प्रयास अनवरत जारी है।

By न्यूज़ डेस्क

न्यूज़ को शेयर करे और कमेंट कर अपनी राय दे.....

Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Kulisbet
Kulisbet giriş
Kulisbet güncel giriş
kralbet
Dinamobet
Dinamobet
Madridbet
Dinamobet
Dinamobet
Kulisbet
Matbet
Matbet