भागलपुर : कुमार स्मृति, मारपीट, गोलीबारी के एक मामले में केस दर्ज नहीं करने पर डीआईजी विकास वैभव में नवगछिया थानेदार को जमकर फटकार लगाई है। डीआईजी ने कहा कि अगर केस दर्ज नहीं होता है तो थानेदार खुद को सस्पेंड समझे। मामला अगर रेल पुलिस का था तो जीरो एफआईआर दर्ज कर रेल पुलिस को केस क्यों नहीं ट्रांसफर किया गया।
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भवानीपुर निवासी नवनीत कुमार पांडेय के साथ 21 अक्टूबर को नया टोला नवगछिया के पास कुछ लोगों ने मारपीट की थी, जिसमें वह जख्मी हो गया था। आरोपियों ने गोलीबारी भी की थी। जख्मी नवनीत का इलाज नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में हुआ। वहां से नवगछिया थाने गया और थानेदार को मामले की जानकारी दी। थानेदार ने कहा कि मामला रेल पुलिस का है। रेल पुलिस के पास गया तो वहां से नवगछिया थाने पुन: भेज दिया गया। आखिरकार नवगछिया एसपी को आवेदन दिया, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद नवनीत ने डीआईजी को आवेदन दिया।

एक नवंबर को डीआईजी करेंगे एसआईटी सदस्यों के साथ बैठक
मुठभेड़ में पसराहा थानेदार आशीष कुमार सिंह के शहीद होने के मामले में गठित एसआईटी के सदस्यों के साथ डीआईजी विकास वैभव एक नवंबर को नवगछिया एसपी अॉफिस में बैठक करेंगे। बैठक में उक्त केस के उदभेदन, फरार अपराधी दिनेश मुनि और वारदात में शामिल अपराधियों की धर-पकड़ की रणनीति बनाई जाएगी। उक्त एसआईटी में नवगछिया और खगड़िया दोनों जिले के पुलिस अफसरों को शामिल किया गया है और डीआईजी खुद पूरे केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। बता दें कि अब तक मुठभेड़ का मुख्य आरोपी दिनेश मुनि नहीं पकड़ा गया है।

