नवगछिया :  चौसा थाना क्षेत्र के पूर्णिया जिला सीमा के अरजपुर भिठ्ठा टोला के पास से गिरफ्तार किए गए अपराधी के मोबाइल रिकार्ड से बड़ा खुलासा हुआ है।

चौसा के दियारा इलाके के कुख्यात जेल में बंद संतलाल सिंह गिरोह के सुपारी किलर शार्प शूटर चिरोड़ी के पंकज मुनि के निशाने पर अगला शिकार चौसा के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह थे। दारोगा श्री सिंह इनदिनाें किशनगंज में पदस्थापित हैं और सहरसा के हरिपुर के रहने वाले हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी पंकज मुनि की संलिप्तता खगड़िया के पसरहा थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के हत्याकांड में रही है। इस कांड में चौसा के चिरौड़ी के तीनमुंही गांव का गुंडा दिनेश मुनि भी मुख्य रूप से शामिल है। पंकज ने दारोगा हत्याकांड में शामिल होने की बात कही है।

उसके मोबाइल पर दैनिक भास्कर में छपी खबर के साथ संलग्न तीन दारोगा दोस्तों फोटो में दारोगा आशीष सिंह के आगे लाल पेन से क्रास बना हुआ था। जबकि बाइक पर उनके पीछे बैठे दारोगा सुमन सिंह के आगे भी लाल पेन से क्रास किया हुआ था। इससे पुलिस अनुमान लगा रही है कि इन अपराधियों के निशाने पर दारोगा सुमन कुमार सिंह भी है।

दो साल के कार्यकाल में दियारा के एक दर्जन कुख्यातों को किया था गिरफ्तार
थानाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह के करीबी चौसा के तत्कालीन थानाध्यक्ष सुमन कुमार सिंह का पिछले माह ही किशनगंज तबादला हुआ है। चौसा में अपने दो साल के कार्यकाल में दियारा के प्रमुख अपराधी सरगना संतलाल सिंह समेत एक दर्जन कुख्यात अपराधियों को समय-समय पर हथियार के साथ गिरफ्तार किया था।

इनमें संतलाल सिंह, बजरंगी सिंह, सुनील संह, बत्तीस सिंह, गजना, सुदामा, नन्हकू सिंह, मनोज सिंह भाटिया, मिथिलेश मंडल, टेपो मंडल, पृथ्वी मंडल, कारे मंडल आदि शामिल हैं। यू कहा जाए कि दियारा के इलाके के लगभग सभी कुख्यातों को उनके कार्यकाल में गिरफ्तार किया गया। कुछ अपराधियों पर इनदिनों स्पीडी ट्रायल शुरू हुआ है।

लगातार गैंग के बड़े गुर्गों की गिरफ्तारी से बौखलाए संतलाल सिंह के खिलाफ सीसीए लगाने का मामला हाईकोर्ट में चल रहा था तो वहां भी संतलाल सिंह ने थानाध्यक्ष पर कई अरोप लगाए। एक साल पूर्व संतलाल सिंह का उदाकिशुनगंज से अपने गुर्गों से बात करने का ऑडियो भी वायरल हुआ था। जेल से मोबाइल भी बरामद किया गया था।

कारे मंडल ने दी है पंकज मुनि को हथियार चलाने की ट्रेनिंग
सूत्र बताते हैं कि पंकज मुनि का पिता भी अपराधी प्रवृति का था। पिता की मौत के बाद उसने खुद ही मामूली विवाद में मां को काट डाला था। घर में किसी के नहीं रहने से बाद वह अक्सर संतलाल सिंह के घर पर रहता था।

यहां पवर उसे गुंडा कारे मंडल ने गोली चलाने की ट्रेनिंग दी। कारे भी बम आदि बनाने में माहिर था। एक बार बम उसके शरीर पर फट भी गया था।

पंकज के उपर सिर्फ चौसा थाने में रंगदारी, चोरी का समान बरामदगी एवं आर्म एक्ट, डकैती की योजना बनाने, शराब पीकर लूट की योजन बनाने, जानलेवा हमला करने के दर्जनभर केस दर्ज हैं।

ढोलबज्जा थाने में उसपर हत्या का केस भी दर्ज है। इसके अलावा चौसा के ईंट भट्टा मालिक नसरूल हक की 29 अगस्त को हुई हत्या मामले में भी वह आरोपी था। गुरुवार की शाम को नवगछिया के डीएसपी परमानंद भारती भी उससे पूछताछ करने आए।

मशहूर शूटर है पंकज मुनि
मधेपुरा, नवगछिया और खगड़िया दियारा का आंतक माने जाने वाले कुख्यात सुपारी किलर पंकज मुनि की गिरफ्तारी को मधेपुरा पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। उसके पास से एक कट्टा, छह कारतूस, दो मोबाइल, 11892 चोरी की एक बाइक बरामद किया गया है।

थाने में आयोजित प्रेस वार्ता में उदाकिशुनगंज के एसडीपीओ सीपी यादव ने बताया कि गिरफ्तार अपराधी के विरुद्ध मधेपुरा और भागलपुर जिले के विभिन्न थाना में तकरीबन एक दर्जन अधिक संगीन मामले दर्ज है।

वहीं खगड़िया और पूर्णिया जिले के थाने से रिपोर्ट नहीं आ पाने के कारण

अन्य वारदात का पता नहीं चल पाया। कुख्यात पंकज मुनि पेशेवर अपराधी है। सुपारी लेकर हत्या करना अपराधी का मुख्य पेशा है। इलाके में बड़ा शूटर के रूप में मशहूर है। इसके अलावा कोसी के दियरा इलाके में किसानों से लेवी वसूला करता था।

ये लोग मिलकर कोसी दियरा में सामांतर सरकार चला रहे थे। उसके ठिकाने पर भी छापेमारी की जा रही है। गुंडा पंकज मुनि और दारोगा आशीष सिंह हत्याकांड में नाम आने के बाद फरार चल रहे गुंडा दिनेश मुनि आपस में रिस्तेदार भी है।

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By न्यूज़ डेस्क

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