पटना. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने करोना की तरह ही कमजोर इम्युनिटी वाले पशुओं के लिए घातक संक्रामक रोग से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है. सभी जिलों को एलर्ट भेजा गया है कि वह अपने- अपने जिला में सजग रहे. पशुओं के स्वास्थ्य और व्यवहार पर नजर रखें.
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आपातकालीन उपचार के लिए दवा आदि का भी इंतजाम किया गया है. पशुपालकों में सबसे अधिक डर लंफी (लंफी स्किन डिजीज) का है. पशुपालन विभाग ने पशुओं को बीमारी से बचाने के लिये सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से अलर्ट जारी किया है.
सभी जिलों को पशु अस्पतालों को हर संभव तैयारी रखने को कहा है. श्वानों में पारवो वायरस का संक्रमण भी चिंता का कारण बना हुआ है. श्वान पालने वालों को जागरूक किया जा रहा है. कोरोना कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को अपना शिकार बनाता है, वैसे ही लंफी पशुओं को संक्रमित कर देती है.

संक्रमित पशु की चपेट में जितने भी पशु आते हैं वह भी इस रोग के शिकार बन जाते हैं. बीते वर्ष कोरोना काल में इस बीमारी ने पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज सहरसा, मधेपुरा एवं सुपौल में इसका सबसे अधिक पशुओं की जान ली थी.
कई राज्यों में तो कोविड की तरह ही इसके लिए कठोर निर्णय लिये गये थे. बिहार के अलावा असम, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा एवं पंजाब में फैली थी. कोई भी पशुपालक 0612 2226049 पर फोन कर मदद ले सकता है.

