वायरस वैक्सीन तैयार करने के लिए 35 लाख पाउंड (करीब 3300 करोड़ रुपए) का अनुदान दिया है। मित्तल परिवार ने यह रकम ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैक्सीनोलॉजी विभाग को दिया है। यह विभाग जेनर इंस्टीट्यूट के अंतर्गत आता है और इसके निदेशक प्रोफेसर एड्रियन हिल हैं। अब इस विभाग का नाम बदलकर ‘लक्ष्मी मित्तल एंड फैमिली प्रोफेसरशिप ऑफ वैक्सीनोलॉजी’ रखा जाएगा। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के डेवलपमेंट ऑफिस ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है।

दुनिया का सबसे बेहतरीन वैक्सीन इंस्टीट्यूट

वैक्सीन की पढ़ाई को लेकर जेनर इंस्टीट्यूट को दुनिया का सबसे बेहतरीन इंस्टीट्यूट माना जाता है। कोविड-19 के वैक्सीन को लेकर यह इंस्टीट्यूट जोर-शोर से जुटा हुआ है। अब यह दुनिया का सबसे बड़ा एकेडेमिक वैक्सीन सेंटर बन चुका है। फिलहाल, इस इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित किए गए एक वैक्सीन का मानव ट्रायल यूनाइटेड किंग्डम, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में चल रहा है।

लक्ष्मी मित्तल ने क्या कहा?

इस रिपोर्ट में आर्सेलरमित्तल के CEO लक्ष्मी मित्तल के हवाले से लिखा गया है, ‘पूरी ​दुनिया के लिए यह साल एक वेकअप कॉल है ताकि हम ​भविष्य के लिए खुद को तैयार कर सकें। हम सभी ने महसूस किया है कि कैसे एक महामारी समाजिक और आर्थिक स्तर पर नुकसान पहुंचा सकती है।’ उन्होंने आगे कहा कि मैं हमेशा से ही हेल्थकेयर में विशेष रुचि रखता हूं। सभी की तरह मैं भी कोविड-19 वैक्सीन को लेकर होने वाले काम पर ध्यान रहा था। मित्तल ने कहा, ‘प्रोफेसर हिल से एक दिलचस्प बातचीत के बाद मेरे परिवार और मैंने इस निर्णय पर पहुंचे कि हिल और उनकी टीम पूरी मेहनत और लगन से काम कर रही है। वो केवल मौजूदा संकट के लिए नहीं, बल्कि आगामी भविष्य की संभावित चुनौतियों पर भी काम कर रहे हैं।’

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By न्यूज़ डेस्क

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