नवगछिया : इस्माइलपुर के छोटी परबत्ता निवासी अरविंद झा के कथित हत्याकांड में नया मोर सामने आया है. परिजनों से जानकारी मिली है कि जीरो माइल में मिले जिस शव की पहचान अरविंद झा के रूप में की गई थी. वह शव किसी 50 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति का है जबकि अरविंद की उम्र महज 32 वर्ष की है. दूसरी तरफ पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृतक की स्वभाविक मृत्यु की ओर इशारा कर रहा है. मालूम हो कि शुरू से ही इस मामले में शव पहचान को लेकर संदेह था. इसके बाद भी इस्माइलपुर पुलिस ने शव मिलते ही अरविंद झा के ससुर और अरविंद झा की दिव्यांग पत्नी को गिरफ्तार कर लिया. वर्तमान में दोनों जेल में है.
– फिर कहां है अरविंद झा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आयी बात –
” मृतक 50 वर्ष से ज्यादा उम्र का है लेकिन अरविंद 32 वर्ष का है
” पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्वभाविक मृत्यु की ओर कर रहा है इशारा
– दूसरी तरफ अरविंद झा के अपहरण और हत्या के मामले में उसके ससुर और पत्नी जेल में है
मालूम हो कि सब को पहचान किए जाने का आधार भी पूरी तरह से हास्यास्पद था. सबकी पहचान अरविंद झा के रूप में इस आधार पर की गई थी उसके दांत टूटे हुए थे और उसके आंखों के नीचे एक निशान था. शव पूरी तरह से क्षत विक्षत था. ऐसे में दांतो का टूटा होना और आंखों के नीचे काला निशान होना शव के शिनाख्त करने का ठोस आधार नहीं हो सकता है. अब सवाल उठता है कि अरविंद है कहां ? मालूम हो कि अरविंद और उसकी पत्नी के रिश्ते शुरू से ही ठीक नहीं थे. अक्सर अरविंद की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके में रहा करती थी.


ऐसी स्थिति में शव मिलने के एक माह पूर्व ही अरविंद झा के परिजनों ने इस्माइलपुर थाने में अरविंद के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करायी थी. एक माह तक पुलिस स्तर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गयी लेकिन शव मिलते ही इस मामले में तेतरी निवासी पिता पुत्री को गिरफ्तार कर लिया गया. अरविंद झा के रिश्ते में साला तीतरी निवासी कृष्ण कुमार का कहना है कि 29 जुलाई को अरविंद लापता होता है और 21 अगस्त को जीरो माइल में मिले क्षत विक्षत शव को उसके परिजन अरविंद झा के रूप में पहचान कर लेते हैं. 29 जुलाई को ही अरविंद के लापता होने की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी लेकिन एक बार भी पुलिस ने न तो आरोपियों से संकर्प किया और न ही मामले की छानबीन की.
कृष्ण कुमार ने कहा है कि शव के पहचान का आधार पूरी तरह से संदिग्ध है. शव की पहचान उसके टूटे दांत और आंख के नीचे काले निशान से की गयी है. दांत किसी भी स्थिति में टूट सकता है और जख्म पुराना नहीं है ताजा है. कृष्ण कुमार ने कहा है कि उक्त शव किसी और का है अरविंद का है ही नहीं. जबकि साजिशकर्ताओं ने अरविंद से मिली भगत कर उसे या तो कहीं छुपा दिया है या फिर हत्या कर दी है. मामले में जल्द से जल्द डीएनए टेस्ट कराने की मांग की है. कृष्ण कुमार ने कहा कि घटना के बाद उसकी बहन और पिता को जेल भेज दिया गया है. उसकी बहन विकलांग है और उसके पिता पूरी तरह से वृद्ध हो चुके हैं.
कृष्ण कुमार का कहना है कि पुलिस से जब भी वे लोग केस के सिलसिले में कुछ पूछना चाहते हैं तो पुलिस का कहना होता है कि वह लोग डीएनए टेस्ट करवाएंगे लेकिन डीएनए टेस्ट कब होगा यह पुलिस पक्के तौर पर नहीं बता पा रही है. कृष्ण कुमार ने कहा कि मेरी बहन और मेरे पिता दोनों जेल में है. पुलिस को जल्द से जल्द इस मामले में दूध का दूध पानी का पानी करना चाहिए. कृष्ण कुमार ने कहा कि अरविंद का वर्तमान में भी मोबाइल लोकेशन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि एक बार तो अरविंद से उसने खुद भी बातचीत की. लेकिन उसने बाद में अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया. उक्त नंबर को पुलिस को भी दिया गया था लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने ने नवगछिया एसपी से न्याय की गुहार लगायी है.
– कहते है नवगछिया एसपी
नवगछिया एसपी निधी रानी ने कहा कि अरविंद झा मामले में पुलिस अनुसंधान कर रही है. मामले में मृतक और उसके परिजनों का डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है. कोर्ट से आदेश प्राप्त होने पर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा.


