बिहार में शिक्षा का स्तर दुरुस्त करने के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. प्लस टू स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरकार ने एमटेक और बीटेक डिग्रीधारी बेरोजगारों को गेस्ट टीचर का जिम्मा देगी. इसके लिए शिक्षा विभाग की इजाजत अनिवार्य होगी. शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों के संबंध में शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया है.
शिक्षा विभाग ने कैलेंडर भी जारी कर दिया है. सरकारी प्लस टू स्कूलों में गेस्ट टीचर की सेवा लेने की प्रक्रिया 5 मई से आरंभ हो चुकी है. विदित हो कि प्लस टू स्कूलों में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, अंग्रेजी जैसे विषयों के शिक्षकों की घोर कमी है, जिसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने ये फैसला लिया है. इसके लिए सरकार ने गेस्ट टीचर्स की तनख्वाह भी तय कर दी है. अतिथि शिक्षकों को एक हजार रुपये प्रतिदिन और महीने में अधिकतम 25 हजार रुपये की तनख्वाह होगी.

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से 50 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर डिग्री और बीएड या माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी. रिटायर्ड शिक्षकों को भी, जिनकी आयु 65 वर्ष तक होगी, उन्हें भी गेस्ट टीचर के तौर पर वरीयता दी जाएगी.


