करीब 32 साल की पटना की सौम्या अब लड़की नहीं रही। उसका लड़के में कायांतरण हो गया है। बेंगलुरु के एक नामचीन प्लास्टिक सर्जन के नेतृत्व में जटिल सर्जरी के बाद सौम्या का सेक्स बदल चुका है। इसी शनिवार (22 जून) को हुई यह सर्जरी पूरी तरह कामयाब रही। सौम्या अब समीर भारद्वाज बन चुकी है। शारीरिक और कानूनी दोनों रूपों में यह साकार हो गया है।


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लड़की से लड़के में हुए इस कायांतरण को उसके परिवार ने भी सहर्ष स्वीकारा है। डाक्टरों की राय में समीर भारद्वाज अब पिता बनने में भी सक्षम है। सौम्या समस्तीपुर जिले के मुजौना गांव की मूल वासी है। उसके पिता डॉ. लक्ष्मीकांत सजल जाने-माने शैक्षिक लेखक हैं। एयरोनॉटिकल इंजीनियर सौम्या के समीर भारद्वाज बनने की पूरी प्रक्रिया आठ वर्षों में पूरी हुई है।

उसने बताया कि अब नई उड़ान भरने को तैयार हूं। मेरी शादी की शहनाई भी जल्द बजने वाली है। खास बात यह है कि समीर से शादी करने को तैयार लड़की भी एयरोनॉटिकल इंजीनियर है। उसने सौम्या को लड़का बनने की प्रक्रिया में भी भरपूर साथ दिया है।

कंपनी ने उठाया पूरा खर्चा

सौम्या की सर्जरी बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई हास्पीटल के सर्जन डॉ. मधुसूदन ने की है। डॉ. महेश एमएस और डॉ. आदित्य समेत पूरी टीम ने करीब 6 घंटे की सर्जरी की। सर्जरी पर आया लाखों का खर्च उस अमेरिकन कंपनी ने उठाया जिसमें सौम्या एयरोनॉटिकल इंजीनियर है।

हमलोग सौम्या के लिए लड़का ढूंढ़ रहे थे। वह अब बेटा बन चुकी है। बहू भी खोज ली है। जल्द ही बेटे समीर की शादी कर बहू घर लायेंगे। बहुत खुशी हो रही है।
-डॉ. लक्ष्मीकांत सजल, पिता

जेंडर डिस्फोरिया को लेकर सर्जरी के दौरान दो साल तक समीर हमलोगों की निगरानी में रहे। प्रॉपर क्लीयरेंस के बाद उनकी सर्जरी हुई और सफल रही। इस सर्जरी का हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
-डॉ. मधुसूदन जी, सौम्या के चिकित्सक

By न्यूज़ डेस्क

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