त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं व कचहरियों के ऑडिट में भागलपुर सूबे में पहले पायदान पर है। भागलपुर को अंकेक्षण में 97 फीसदी सफलता मिली है। पंचायती राज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2019-20 की रैंकिंग जारी कर जिलों को भेजी है। इसके मुताबिक जहानाबाद दूसरे व नालंदा तीसरे स्थान पर है। अंकेक्षण कराने में समस्तीपुर सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। यहां की प्रगति शून्य बतायी गई है। वहीं 20 जिलों में सफलता 50 फीसदी से भी कम है। विभाग के निदेशक डॉ. रंजीत कुमार सिंह ने जिलों में कैंप लगाकर वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 तक का मिशन मोड में अंकेक्षण कराने का निर्देश डीएम को दिया है। डीडीसी प्रतिभा रानी ने बताया कि निदेशालय से आये पत्र के आलोक में कैंप की तैयारी हो रही है। वित्तीय वर्ष 2020-21 तक का ऑडिट जल्द करा लिया जाएगा।
खगड़िया, जमुई, बांका, मुंगेर में 50% से कम ऑडिट : रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2019-20 में मुजफ्फरपुर, प. चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, सीवान, मधुबनी, सारण, वैशाली, अरवल, औरंगाबाद, बक्सर, शेखपुरा, खगड़िया, जमुई, बांका, मुंगेर, भोजपुर व रोहतास में वित्तीय वर्ष 2019-20 का अंकेक्षण कार्य 50 फीसदी से कम पाया गया।
पूर्णिया, बांका, मधेपुरा में काम भी शुरू नहीं : रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2020-21 में भागलपुर, पटना, गया, दरभंगा, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज व लखीसराय में ही अंकेक्षण कार्य की गति संतोषजनक है। शेष जिलों में कार्य की गति अत्यंत धीमी है। पूर्णिया, बांका, मधेपुरा, मधुबनी, समस्तीपुर, बक्सर, कैमूर व नालंदा में अब तक अंकेक्षण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है।

जिलावार अंकेक्षण की सफलता का ब्योरा
जिला का नाम प्रतिशत
भागलपुर 97
सुपौल 86
लखीसराय 83
किशनगंज 73
मधेपुरा 58
अररिया 58
पूर्णिया 55
कटिहार 55
सहरसा 53
मुंगेर 42
बांका 26
खगड़िया 18
जमुई 6
वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए भागलपुर में 242 ग्राम पंचायत, 230 ग्राम कचहरी और 3033 वार्डों के दस्तावेजों की ऑडिट हो चुकी है। शेष की ऑडिट निदेशानुसार मिशन मोड में की जाएगी।
– प्रतिभा रानी, डीडीसी, भागलपुर।

