राम सीता का निर्वासन नहीं कर सकते : रजनीरमण झा
,, रामायण पर आधारित शोध पर दिया गया व्याख्यान
,, वृहद पैमाने पर आज होगा वाद विवाद

नवगछिया : पूरी दुनिया के लोग भगवान श्री राम को आदर्श मानते हैं . लोग अपने आप को पति, पुत्र ए भाई हर रूप में राम के चरित्र के अनुसार जीवन में उतारने का हर प्रयास करते है . वो भगवान मयार्दा पुरुषोत्तम राम जनकनंदिनी सीता का निर्वासन कैसे कर सकते है . यह एक पूर्णतया झूठी कहानी है . जिसे बाल्मीकि की रामायण में षड्यन्त्रपूर्वक जोडा गया है . इसका कोई प्रामाणिक आधार नहीं है. लंबी शोध के बाद इस तरह के तकरीबन 15 से अधिक तथ्य को उन्होंने लोगों के सामने रखा. डॉ रजनीरमण झा गोसाईं गाँव के मिथिला टोला के निवासी हैंए जो वर्तमान में राजस्थान में कालेज शिक्षा में संस्कृत के व्याख्याता हैं. कार्यक्रम गोसाईं गाँव के ठाकुरबाड़ी में आयोजित किया जायेगा. रविवार को ठाकुरबाड़ी नवगछिया में भी वृहत पैमाने पर व्याख्यान और वाद विवाद के कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोसाईं गाँव पंचायत के सरपंच सियाराम यादव थे. कार्यक्रम की अध्यक्षता निखिल झा तथा मंच संचालन युवा क्लव के संयोजक बरुण बाबुल ने किया . कार्यक्रम में अमरनाथ झा, बमबम, प्रसन्नाचार्य बिपिन बिहारी लाल, सुभाष भगत, मधुमती ठाकुर, कुमुद मिश्रा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.

