बिहपुर : प्रखंड मुख्यालय के अंचल कार्यालय नारायणपुर में सोमवार को अंचलाधिकारी विशाल अग्रवाल के समक्ष वर्षो से सरकारी दफ्तर का चक्कर काट रहे बलाहा निवासी दिवाकर सिंह ने पोईजनिंग का टेबलेट एवं किरोसीन तेल छिड़ककर आत्म दाह का प्रयास किया।मालूम हो की बीते वर्ष पुर्व में भी तत्कालीन सीओ रामजपी पासवान एवं सीओ अजय कुमार सरकार के समक्ष भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका है।

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बताया जाता है की दिवाकर के पिता शिक्षक थे जिसने एक शिक्षिका से प्रेम विवाह किया था जिसके साथ एक पुत्र आया था। और बाद में उनके पिता से तीन पुत्र हुआ था जिसमें एक पुत्र की मौत हो गई इधर माता पिता के मृत्यू के पश्चात माता के साथ में आए पुत्र शैलेन्द्र सिंह के द्वारा फर्जी वंशावली तैयार कर सभी बेशकीमती जमीन उन्होनें अपनी पत्नी के नाम म्यूटेशन कराकर कई जमीन की बिक्री कर दिया जिसको लेकर दिवाकर मॉ पिता शिक्षक होने के वावजूद सड़क पर आ गया और दाढी मूंछ बढ़ाकर काला वस्त्र धारण कर सरकारी दफ्तर का चक्कर लगाते लगाते परेशान होकर आत्म हत्या का प्रयास बार बार कर रहा है।

जिसको लेकर तत्कालीन सीओ ने डीसीएलआर के यहॉ आवेदन करने की सलाह पर डीसीएलआर कोर्ट से दिवाकर के पक्ष में डिग्री पश्चात मूल जमाबंदी वापस किया गया था जिसके विरुद्ध दुसरे पक्ष ने एडीएम कोर्ट में दायर किया और नवगछिया डीसीएलआर के फैसले को विखंडित करते हुए दुसरे पक्ष में डिग्री दिया जिसके आलोक में अंचल कार्यालय नारायणपुर में जमावंदी सुधार किया है जिसकी जानकारी दिवाकर को मिलने पर क्षुब्ध और आहत होकर आत्मदाह का प्रयास किया।

मामले में पीड़ित दिवाकर ने बताया की उक्त विवाद से संबंधित मामला बिहार भूमी न्यायाधिकरण पटना में लंबित है।जिसकी जानकारी देने के वावजूद जमावंदी में संशोधन कर दिया गया।वहीं सीओ विशाल कुमार अग्रवाल ने बताया की दिवाकर को सलाह दिया गया की यदि आप अपर समाहर्ता के आदेश से असंतुष्ट है तो सक्षम कमीशनर कोर्ट या सक्षम न्यायालय प्राधिकरण में अपील दायर कर सकते हैं।हमलोग वरीय पदाधिकारी के आदेश को नहीं रोक कर रख सकते हैं।

By न्यूज़ डेस्क

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