नवगछिया। नवगछिया अनुमंडल में अखंड सौभाग्य के लिए सुहागिन महिलाओं ने सोमवार को वट सावित्री व्रत रखकर पूजन अर्चना की। इस मौके पर नगर परिषद की निवर्तमान अध्यक्ष प्रीती कुमारी, पार्षद चंपा देवी, पूर्व पार्षद राखी भगत सहित बड़ी संख्या में महिलाओ ने व्रत किया।
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उधर बाबा कुपेश्वरनाथ मंदिर में वट सावित्री व सोमवती अमावस्या को लेकर बरगद व पीपल के पेड़ को फूलों से सजाया गया था। वट वृक्ष के मूल में ब्रह्मा, मध्य में जनार्दन और अग्र भाग में भगवान शिव निवास करते हैं। धार्मिक ग्रंथ में मान्यता है कि इसी दिन सावित्री ने अपने पति सत्यवान की जीवन रक्षा के लिए यमराज से अपने पति के प्राण को वापस ले आया था तब से यह व्रत करने से स्त्री सदा सुहागन रहती है और उनके पति दीर्घायु होते हैं।
उन्होंने बताया कि महिलाओं ने वट वृक्ष के समक्ष डलिया खोलकर बांस के पंखे पर पकवान रखकर सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी। सोमवती अमावस्या होने के कारण श्रद्धालुओं ने पीपल के पेड़ में जल दिये। वहीं जगन्नाथ मंदिर के पंडित सौरभ कुमार मिश्रा ने बताया कि वट सावित्री के दिन शनि जयंती और सोमवती अमावस्या का भी संयोग बना था। ऐसा मौका लगभग 30 वर्षों के बाद आया था। अमावस्या तिथि रविवार को दोपहर 2:15 मिनट में प्रवेश कर गया था जो सोमवार को दोपहर 3:40 मिनट तक रहा। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे पितरों को जल दिये।

