नवगछिया अनुमंडल अस्पताल का ब्लड स्टोरेज यूनिट स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के करण डेढ़ साल बंद पड़ा है। ब्लड स्टोरेज यूनिट में लाखों की मशीन धूल फांक रही है। इससे अनुमंडल के मरीज आए दिन मायागंज अस्पताल रेफर हो रहे हैं। इनमें से कई तो रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। ब्लड स्टोरेज यूनिट के बंद रहने का मुख्य कारण टेक्नीशियन व प्रशिक्षित चिकित्सक के नहीं रहने की बात स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अफसर बता रहे हैं। महज टेक्नीशियन व प्रशिक्षित चिकित्सक के नहीं रहने के कारण अनुमंडल की दस लाख की आबादी इस सुविधा से वंचित है। मालूम हो कि पूर्व में ब्लड बैंक से प्रशिक्षण प्राप्त कर आए डॉ. मुरारी पोद्दार ब्लड स्टोरेज यूनिट के प्रभार में थे। उसकी देखरेख में यूनिट चालू रहा। डॉ. मुरारी पोद्दार के बिहपुर पीएचसी प्रभारी बनाए जाने के बाद से ही यूनिट है।


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यह अस्पताल गंगा पार इलाके का इकलौता अनुमंडलीय अस्पताल है। इस इलाके से होकर नेशनल हाइवे भी गुजरती है। सड़क हादसे में ये इलाका टॉप पर है। आये दिन खून की कमी से घायलों की जान को खतरा बना रहता है। घायल मरीजों को अस्पताल लाया जाता है लेकिन रक्त की अावश्यकता को देखते हुए उन्हें मायागंज रेफर कर दिया जाता है। इसके अलाव प्रसूताओं को भी आए दिन खून की कमी होने के कारण रेफर कर दिया जाता है।

4 नवंबर 2011 में खुला था ब्लड स्टोरेज यूनिट

नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में 4 नवंबर 2011 ब्लड स्टोरेज यूनिट खोला गया था। उपकरण एचडीएफसी बैंक द्वारा दिया गया था। उद्‌घाटन तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी चौबे ने किया था। उद्‌घाटन के बाद एक या दो माह यह चालू रहा इसके बाद टेक्नीशियन व चिकित्सक के अभाव में बंद पड़ गया। इसके बाद दो वर्ष पूर्व तत्कालीन एसडीओ राघवेंद्र सिंह व प्रभारी अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. वीपी राय की पहल पर फिर चालू हुआ। लेकिन अब पिछले डेढ़ साल से बंद पड़ा है। शहर के सीएनजीएन के संयोजक श्रीधर कुमार ने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट के बंद हो जाने से यहां के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट चालू करने की मांग अस्पताल उपाधीक्षक, सीएस व स्वास्थ्य मंत्रालय से की गई है।

टेक्निशियन व प्रशिक्षित चिकित्सक के नहीं रहने से बंद है यूनिट

टेक्निशियन व प्रशिक्षित चिकित्सक नहीं होने के कारण स्टोरेज यूनिट बंद है। अस्पताल में चिकित्सक की कमी है। ब्लड स्टोरेज यूनिट चालू हो इसके लिए सीएस को लिखा गया है। प्रशिक्षण के लिए डॉ. अंजू तुरियार का नाम भी भेज दिया गया है। प्रशिक्षित चिकित्सक आने के साथ ही ब्लड स्टोरेज यूनिट चालू होगा। – डॉ. एके सिन्हा, प्रभारी उपाधीक्षक

By न्यूज़ डेस्क

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