गोपालपुर : गंगा के जलस्तर में पिछले कई दिनों से जलस्तर में वृद्धि होने के कारण जल संसाधन विभाग के अभियंताओं की सांसे फूलने लगी हैं. पिछले कई दिनों से तटबंध पर बाढ का पानी जमा होने के कारण तटबंध के धराशाई होने का खतरा मँडराने लगा है. खासकर स्पर संख्या पाँच से लेकर लक्ष्मीपुर तक लगभग दस किलोमीटर लंबे तटबंध पर कई संवेदनशील स्पॉट पूर्व से ही चिन्हित हैं. हालाँकि लक्ष्मीपुर में तटबंध की चौकसी हेतु सशस्त्र पुलिस की नियुक्ति कर दी गई है.
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साथ ही जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुर के निकट डॉवेल सहित पूरे जमीनदारी बाँध की सतत निगरानी करते हुए आवश्यकतानुसार कहीं जीटी फिल्टर के साथ बालू भरी बोरियाँ तो कहीं बाँस -बल्ला गाडकर बालू भरी बोरियाँ देकर तटबंध को मजबूत करने का कार्य किया गया है. बताते चलें कि असामाजिक तत्त्वों द्वारा पूर्व में कभी गोसाईंगाँव के पास ते कभी मालपुर के पास तो कभी बोचाही के पास काटे जाने से गोपालपुर प्रखंड के साथ नवगछिया अनुमंडल मुख्यालय तथा रंगरा चौक प्रखंड के दर्जनों गाँवों को बाढ की तबाही झेलना पडा था.


कई जगह सडक व पुलिया ध्वस्त हो गया था. जल संसाधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस्माइलपुर -बिंद टोली में गंगा नदी का जलस्तर शुक्रवार की सुबह 32.48मीटर है. इस्माइलपुर – बिंद टोली के बीच सभी स्पर फिलहाल सुरक्षित रहने की जानकारी विभागीय अभियंताओं ने दी है. मॉनटरिंग एसी ई सफदर आलम व अधीक्षण अभियंता ई महेन्द्र प्रसाद ने शुक्रवार की देर शाम को विभिन्न स्परों का निरीक्षण किया.
बाढ पीडितों के बीच अंचल द्वारा चूडा व गुड वितरण करने का कार्य गुरुवार से ही शुरु कर दिया गया है .हालाँकि वितरण काफी कच्छप गति से होने के कारण बाढ पीडितों में काफी आक्रोश है. अभी तक सभी बाढ पीडितों के बीच प्लास्टिक शीट का वितरण भी नहीं किया जा सका. शौचालय व चापाकल लगाने का कार्य भी कच्छप गति से किये जाने के कारण बाढ पीडित गंगा जल पीने को विवश हैं. गंगा के कटाव से विस्थापित बिंद टोली के ग्रामीणों के बीच स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा खिचडी का वितरण किया गया.

