नवगछिया : स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सरकार के साथ शिक्षा विभाग भी अभियान चला रहा है। इसका सकारात्मक असर भी हुआ है। जिले के विभिन्न स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ी है। लेकिन संसाधन के अभाव में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल रही है।

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गोपालपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय हरनाथचक में छात्रों को बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है। इस स्कूल में नामांकित 357 छात्र-छात्राओं को पढ़ाने के लिए 11 शिक्षक हैं। लेकिन, स्कूल में सिर्फ चार कमरे हैं। कमरों के अभाव में प्रधानाध्यापक के कार्यालय में कक्षा तीन के बच्चे पढ़ते हैं। इसी कमरे में एमडीएम का चावल भी रखा हुआ है।

कमरों की कमी के कारण छात्रों के साथ शिक्षकों को भी होती है। विद्यालय में परीक्षा होने की स्थिति में सभी बच्चे उपस्थित रहते हैं तो शिक्षकों को छात्रों को बरामदे में बिठाकर परीक्षा लेना पड़ता है। कुछ बच्चों को पढ़ाने के लिए एचएम ने टीन का शेड बनवाया है। इस संबंध में पूछने पर डीपीओ सह गोपालपुर के प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नितेश कुमार ने कहा कि इसकी जानकारी मुझे नहीं है।

अभिभावकों का कहना है कि बरामदे और टीन के शेड में बिना पंखे के बच्चे फर्श पर बैठकर पढ़ते हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए सरकार को स्कूल में कमरों की संख्या बढ़ानी चाहिए।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक बलराम प्रसाद सिंह ने बताया कि स्कूल में 357 बच्चे नामांकित हैं। कमरे कम हैं। इसकी वजह से बच्चों को बरामदे में बिठाकर पढ़ाना हमारी मजबूरी है। जगह नहीं होने के कारण भवन का निर्माण भी नहीं हो पा रहा है। नए भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने अफसरों को को पत्र लिखेंगे।

By न्यूज़ डेस्क

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