आयुक्त वन्दना किनी ने बुधवार को कहा कि बिहपुर के आशुतोष पाठक की मौत मामले की जांच अभी चल रही है। प्रथम दृष्टया पुलिस की बर्बरतापूर्ण पिटाई से मौत होने का मामला प्रकाश में आ रहा है। नौ नवम्बर के पहले जांच रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेज दी जाएगी।
आयुक्त ने बताया कि आयोग के निर्देश के आलोक में बिहपुर जाकर मामले की जांच की। इस दौरान घटनास्थल, थाना सहित अन्य जगहों पर जाकर लोगों से पूछताछ की। पूछताछ में कई बातों का खुलासा हुआ है। पूछताछ में पता चला कि इंजीनियर को हाजत में बंद किया गया था। थानाध्यक्ष और थाना के निजी चालक की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। दोनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। नवगछिया एसपी थानाध्यक्ष की बर्खास्तगी की अनुशंसा डीआईजी से करेंगी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में घटना की पुष्टि हुई है। मारपीट के कारण मौत का खुलासा किया गया है। मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया था। निर्दोष इंजीनियर की पिटाई से मौत हो गयी। थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी जल्द होगी। सोमवार को उनके साथ डीएम प्रणव कुमार भी इंजीनियर के घर जाकर परिजन से मिले थे। घर में चाचा थे। परिवारवालों ने कहा कि दोषियों को सजा और उन्हें न्याय मिलनी चाहिए। सजा और न्याय दोनों मिलेगी। आयुक्त ने कहा कि जांच के लिए दो-तीन बार बिहपुर जायेंगी। विस्तार से मामले की जांच की जाएगी।
इसके बाद जांच रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। अभी चार दिन का समय बचा हुआ है। आयुक्त ने कहा कि घटना बहुत दु:खद है। परिजनों को मुआवजा को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकारी दिशा-निर्देश के आलोक में काम किया जाएगा। लेकिन इतना तय है कि दोषी पुलिस पदाधिकारी और कर्मी बख्शे नहीं जायेंगे।



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