नवगछिया की अलंकृता साक्षी को गूगल ने 60 लाख का पैकेज दिया है। साक्षी गूगल में इंजीनियर के पद पर काम करेंगी। ये मूल रूप से नवगछिया सिमरा गावं की रहने वालीं हैं। इसी जिले में पिछले साल 8 दिसंबर को ही इनकी शादी हुई थी। शादी के 8 माह बाद ही इन्हें बड़ी सफलता मिली है। फिलहाल इनका पूरा परिवार झारखंड के कोडरमा में रहता है। इससे पहले साक्षी ने विप्रो बेंगलुरु में 2 साल, 1 साल सैमसंग और अर्न्स्ट एंड यंग कंपनी में काम किया है।
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पति सॉफ्यवेयर कंपनी में काम करते हैं
साझी के पिता शंकर मिश्रा कोडरमा में प्राइवेट नौकरी करते हैं और मां रेखा मिश्रा एक निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। वहीं, ससुर राजीव नयन चौधरी नवगछिया अनुमंडल कार्यालय के हेड क्लर्क हैं। राजीव नयन चौधरी के बेटे मनीष से उनकी शादी हुई है। मनीष भी एक सॉफ्टवेयर की कंपनी में काम करते हैं।
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साझी का मायका और ससुराल नवगछिया में ही पड़ता है। मायका नवगछिया के सिमरा में है और ससुराल रसलपुर थाना क्षेत्र के पोठिया में है। दोनों के बीच करीब 70 किमी की दूरी है। हालांकि साझी के मायके वाले कोडरमा में रहते हैं।
बचपन झारखंड में बीता
अलंकृता साक्षी का बचपन झारखंड के कोडरमा में बीता और वहीं से उनकी पढ़ाई लिखाई हुई। उन्होंने कोडरमा से 10वीं, जवाहर नवोदय विद्यालय कोडरमा से 12वीं और हजारीबाग से बीटेक किया। अलंकृता की दो बहनें और एक भाई है।
दोनों परिवारों को इस बात की खुशी है कि गूगल जैसी विश्व प्रसिद्ध कंपनी से 60 लाख रुपए के पैकेज पर साझी का चयन हुआ। यह अत्यंत गर्व और हर्ष की बात है।
