नवगछिया : घर के पीछे पानी भरे गड्ढे में डूबने से 17 माह के मासूम की जान चली गई। यह दर्दनाक घटना कदवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीनियां कदवा गांव में रविवार दोहपर की है। परिजनों ने बताया कि घटना के समय घर में केवल दादी थी। पिता राजेश मंडल पेंटिंग का काम करते हैं और वे सुबह इसी काम के लिए तीनटंगा गए थे जबकि मां धान की रोपनी के लिए बहियार गई थी। इसी बीच राजेश का बेटा गुलशन कुमार घर के पीछे खेल रहा था।
खेलते-खेलते वह गड्ढे में गिर गया और उसकी मौत हो गई। कुछ देर बाद जब दादी ने अपने पोते को नहीं देखा तो इधर-उधर तलाश की। इसके बाद जब वह घर के पीछे गई तो पानी भरे गड्ढे में गुलशन का शव उपला रहा था। शव को देखते ही दादी चीत्कार करने लगी। वहीं बेटे की मौत की सूचना पाकर गुलशन की मां किरण देवी व पिता राजेश भी घर पहुंचे। बेटे की मौत के बाद मां का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेहोश हो जा रही थी। गुलशन दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था। घटना की सूचना पर कदवा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नवगछिया अनुमंडल अस्पताल भिजवाया। नवगछिया सीओ ने बताया कि घटना की जानकारी मिल चुकी है। सोमवार को कर्मचारी से जांच कराकर उचित कार्यवाही की जाएगी।


17 माह के बेटे की माैत के बाद मां का बुरा हाल था। वह रो-रोकर कह रही थी कि मैं धान की रोपनी करने नहीं गई होती तो बेटे की जान नहीं जाती। वहीं दादी घटना के बाद केवल अपने पोते के शव को निहारे जा रही थी। उसकी आंखों से आंसू सूख चुके थे। वह शायद खुद को गुलशन की मौत का जिम्मेदार समझ रही थी। ग्रामीण परिजनों को सांत्वना दे रहे थे।

मासूम गुलशन की मौत के बाद गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था। गांव में सभी इसी बात की चर्चा कर रहे थे। लोग कह रहे थे कि बच्चों के पालने के लिए पति-पत्नी दोनों मजदूरी कर रहे थे। दोनों सुबह होते ही काम की खोज में घर से निकल जाते थे, ताकि अपने बच्चों को दो शाम की रोटी की जुगाड़ कर सकें। गरीबी के कारण वे अपने बच्चों की देखभाल नहीं कर पा रहे थे। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ था। वहीं पिता का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

