बिहपुर : जयरामपुर के गुवारीडीह कोसी बहियार में कोसी के पानी घटने के साथ ही पुरातात्विक अवशेष दिखने लगा है। जिससे यह कोसी कछार फिर से लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया है। कोसी किनारे स्थित गुवारीडीह अपने दामन में तीन हजार साल पहले का पुरातात्विक अवशेष समेटे हुए है।
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सोमवार को ग्रामीण अविनाश कुमार, मिट्टु कुमार एवं अनमोल चौधरी ने बताया कि गुवारीडीह कोसी कछार में टिले से पूरब पानी कम होने के साथ कुएं का अवशेष दिखा है। पिछले वर्ष टिले के पास भीषण कटाव हुआ है। जिस कारण टिले का अस्तित्व खत्म होने का खतरा मंडरा रहा है। गुवारीडीह टिले को बचाने के लिए मजबूती से कटाव रोधी कार्य कराने की जरूरत है।
अविनाश ने कोसी कछार में मिले अवशेष को जयरामपुर हाईस्कूल के बगल स्थित मुर्गा फॉर्म पर जमा कर रखा है। बताते चलें की 20 दिसंबर 2020 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुवारीडीह पहुंच कर टिले को कटाव से बचाने के निर्देश दिये थे। उनके निर्देश के बाद कोसी की धारा मोड़ने को लेकर पायलट चैलन का भी निर्माण हुआ। उसके बाद भी गुवारीडीह टिले के पास भीषण कटाव हुआ था। टिले को कटाव से बचाने के लिए कटाव रोधी कार्य कराने की जरूरत है।

