गोपालपुर से जेडीयू विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को बिहार सरकार में उर्जा मंत्री बनाया गया है। पटना के गांधी मैदान में आयोजित समारोह में उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली। वर्ष 2024 में जेडीयू ने गोपाल मंडल का टिकट काटकर बुलो मंडल को चुनावी मैदान में उतारा था और अब उन्हें मंत्री बनाकर पार्टी ने बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है।


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राजनीतिक जानकारों की मानें तो जेडीयू आगामी चुनावी समीकरण को ध्यान में रखते हुए अति पिछड़ा वर्ग के बड़े चेहरे को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। इसी रणनीति के तहत बुलो मंडल पर भरोसा जताया गया है। मंडल समुदाय से आने वाले 49 वर्षीय बुलो मंडल को पार्टी लंबे समय से अति पिछड़ा वर्ग की राजनीति के प्रभावशाली नेता के रूप में पेश करती रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ और जनता से सीधा जुड़ाव उनकी सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।

आरजेडी से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

बुलो मंडल का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा है। उन्होंने शुरुआती राजनीति राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से की और लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व में पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग की राजनीति के जरिए अपनी मजबूत पहचान बनाई। क्षेत्र में सक्रियता और जनता से लगातार संपर्क के कारण आरजेडी ने उन्हें विधानसभा और लोकसभा दोनों का टिकट दिया था।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता Syed Shahnawaz Hussain को हराकर बड़ी राजनीतिक पहचान बनाई थी। सांसद रहने के दौरान उन्होंने बाढ़, कटाव, सड़क, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

2024 में जेडीयू में हुए शामिल

लोकसभा चुनाव के दौरान आरजेडी से टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2024 में जेडीयू का दामन थाम लिया। मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी दी और अति पिछड़ा समाज के बड़े चेहरे के रूप में आगे बढ़ाया। वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्हें गोपालपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां से जीतकर वे विधायक बने।

वर्तमान समय में बुलो मंडल क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं और स्थानीय समस्याओं को लेकर जनता के बीच मौजूद रहते हैं। यही वजह है कि पार्टी और संगठन में भी उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।

पत्नी भी रह चुकी हैं विधायक

बुलो मंडल की पत्नी वर्षा रानी भी बिहपुर से आरजेडी के टिकट पर विधायक रह चुकी हैं। वर्ष 2025 के चुनावी हलफनामे के अनुसार उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है, जिससे उनकी छवि साफ-सुथरे नेता की मानी जाती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बुलो मंडल को मंत्री बनाए जाने से जेडीयू को कोसी-सीमांचल और अति पिछड़ा वर्ग में बड़ा राजनीतिक लाभ मिल सकता है। खासकर Bhagalpur और Naugachia क्षेत्र में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।

By न्यूज़ डेस्क

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