नवगछिया : बनारसी लाल वाणिज्य महाविद्यालय जाने वाले रास्ते और कॉलेज परिसर में कमरभर पानी जमा है। इससे छात्रों को क्लास करने और परीक्षा देने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महाविद्यालय जाने के लिए एकमात्र रास्ता है, उस रास्ते में अब भी तीन से चार फीट बारिश का पानी जमा है। सोमवार से स्नातक पार्ट वन की सब्सिडी पेपर की परीक्षा के लिए यहां सेंटर बनाया गया है। हालांकि कॉलेज प्रशासन की ओर से यहां चचरी पुल का निर्माण करवाया जा रहा है। लेकिन अब तक यह चचरी पुल पूरी तरह तैयार नहीं है। ऐसे में स्नातक पार्ट वन की परीक्षा देने वालों में छात्र-छात्राओं को भी गंदे पानी के रास्ते महाविद्यालय तक जाना पड़ेगा।
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आलम यह है कि महाविद्यालय के अंदर भी कमर भर पानी है। ऐसे में परीक्षार्थी को भीगे हुए कपड़े पहन कर ही परीक्षा देना होगा। इससे पहले रास्ता में पानी होने के कारण एनएच 31 के दोनों तरफ कॉलेज का काम किया जा रहा था। भागलपुर विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य अजय कुशवाहा ने कहा कि महाविद्यालय को परीक्षा लेने से पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था किया जाना चाहिए पानी के रास्ते कॉलेज तक जाना असंभव है। इससे दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक दिक्कत महिला परीक्षार्थियों को होगी।

छात्रों ने कहा-कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा से पहले नहीं की वैकल्पिक व्यवस्था

रास्ते और महाविद्यालय परिसर में जलजमाव से परेशान कॉलेज के छात्र-छात्राओं में गहरी नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा से पहले कॉलेज प्रशासन को कॉलेज तक आने-जाने के लिए पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था कराना चाहिए था। इस संबंध में टीएमबीयू के परीक्षा नियंत्रक अरुण कुमार ने कहा कि कॉलेज परिसर और रास्ते में पानी जमा रहने के कारण पहले ही परीक्षा की तिथि दो दिन बढ़ाई जा चुकी है। कॉलेज जाने के लिए चचरी पुल का निर्माण किया जा रहा है। एक-दो दिन में यह पुल तैयारी हो जाएगा।
