कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी से चोरह़र तटबंध कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है. कटाव का यही सिलसिला लगातार जारी रहा, तो कभी भी चोरहर तटबंध ध्वस्त हो सकता है. तटबंध ध्वस्त होने से कोसी तटीय इलाकों में भीषण तबाही मचेगी. स्थानीय लोगों का कहना है कि तटबंध मरम्मत के नाम करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन तटबंध की सूरत नहीं बदली. जियो बैग और एनसी के नाम पर लाखों के न्यारे हुए, लेकिन तटबंधों के हालात नहीं बदले. चोरहर पुल के समीप भीषण कटाव हो रहा है, जिससे चोरहर भवनपुरा पुल संपर्क पथ ध्वस्त होने की संभावना प्रबल हो गयी है.


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तटबंध बचाव का कार्य में लगे 100 से ज्यादा मजदूर

तटबंध ध्वस्त होने से कोसी बाढ़ का पानी दर्जनों गांव में फैल जायेगा और भीषण तबाही मचेगी. सैकड़ों एकड़ में फैली केले व सब्जी की फसल बर्बाद हो जायेगी. जिलाधिकारी ने रविवार को जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को हिदायत देते हुए 100 से ज्यादा मजदूर लगा कर तटबंध के ध्वस्त स्थल पर युद्ध स्तर पर बचाव कार्य करने का निर्देश दिया. ढोरिया दादपुर में स्लूइश गेट के नीचे से तेज रफ्तार से रिसाव हो रहा है, जिसे रोकना जरूरी है. पूर्व मुखिया उमेश पासवान ने कहा कि सहजा धार के स्लूइश गेट से हो रहे रिसाव को रोका जाय, अन्यथा भीषण तबाही मचेगी.

किरतपुर में तटबंध के ऊपर से बह रहा कोसी नदी का पानी

दरभंगा के किरतपुर प्रखंड क्षेत्र के कोसी नदी के जलस्तर में इतनी वृद्धि हुई कि पश्चिमी तटबंध के जमालपुर थाना से एक किलोमीटर दूर नरकटिया चौक एवं किरतपुर चौक के समीप तक नदी का पानी तटबंध के ऊपर से बहने लगा है. वहीं भुभोल गांव के निकट तटबंध में रिसाव जारी है. किसी भी क्षण बांध टूट सकता है. जिससे कमला और कोसी तटबंध के बीच में बसे गांव के लोग भयभीत होकर सभी समान लेकर आश्रय स्थल पर पलायन करने लगे हैं. रिसाव को बंद करने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है.

तटबंध को बचाने में जुटे डीएम व एसडीपीओ

भयावह स्थिति को देखते हुए डीएम राजीव रौशन व एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने कमान संभाल रहे हैं. डीएम व एसडीपीओ स्वयं मिट्टी से भरे बोरे को उठाकर अपने गाड़ी से ओवरफ्लो स्थल पर पहुंचाने में जुटे रहे. इसको देख कर कई लोगों ने बोरा उठाने में मदद की. जमालपुर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि व खैसा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग भी तटबंध को बचाने में जुटे रहे.जल संसाधन विभाग के अभियंता द्वारा व्यापक तैयारी नहीं कि गयी थी जिसको लेकर डीएम ने विभागीय अभियंता को कड़ी फटकार लगाई.खबर लिखे जाने तक तटबंध डीएम तटबंध को सुरक्षित करने में जुटे थे.

तटबंध टूटने पर कई गांव हो जायेंगे जलमग्न

अगर तटबंध टूटता है तो कमला नदी के पूर्वी तटबंध एवं कोसी नदी के पश्चिमी तटबंध के बीच बसे गांव जमालपुर, तरवारा, किरतपुर, भुभोल, गरौल, सिमरी, झगरूवा, बघरस, रसियारी, असमा सहित पांच प्रखंड घनश्यामपुर किरतपुर गोराबोराम बिरौल कुशेश्वरस्थान के गांव बाढ़ के पानी में जलमग्न हो जायेंगे. वहीं जान-माल का काफी नुकसान होगा.

By न्यूज़ डेस्क

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