नवगछिया : गंगा के जलस्तर में गिरावट से लोगों ने एक बार फिर राहत की सांस ली है, परंतु गंडक और कोसी नदी पर बने बराज से पानी छोड़ने की खबर ने एक बार फिर लोगों की नींद हराम कर दी है. बीते कुछ दिनों से गंगा के जल स्तर में उतार-चढ़ाव से आम लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है. लोग अपने घरों से विस्थापित होकर ऊंचे स्थानों पर महीनों से डेरा डाले हैं. गंगा के जलस्तर में गिरावट से लोगों के घर वापस लौटने की उम्मीद जगी थी, परंतु नेपाल से पानी छोड़ने की खबर ने उनकी आशा पर पानी फेर दिया है.
क्या गंगा के बाद कोशी करेगी तांडव
बाढ़ प्रभावित लोगों में नेपाल से पानी छोड़ने की खबर चर्चा का विषय बना है. सभी लोग यही बात करते दिख रहे हैं कि क्या गंगा के बाद अब कोसी अपना उग्र रूप दिखायेगी. बीते कुछ वर्षों से गंगा और कोसी ने नवगछिया अनुमंडल के गोपालपुर, इस्माइलपुर, रंगरा और नवगछिया इन प्रखंडों के कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है.
कटाव का दंश झेलते तीनटंगा दियारा उत्तरी और दक्षिणी पंचायत, गोपालपुर प्रखंड के नवटोलिया और बोचही, सैदपुर, बीरनगर, करारी, एजमाबाद, शेरमारी, पकड़ा गांव सहित रंगरा प्रखंड के तीनटंगा दियारा उत्तरी और दक्षिणी पंचायत, मदरौनी पंचायत, सधुआ चापर पंचायत और कोशकिपुर पंचायत का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है.


