नवगछिया: हाल ही में सामने आए फायरिंग मामले पर जदयू व्यवसायिक प्रकोष्ठ नवगछिया के नेता हिमांशु भगत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि कुछ लोग उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।
7 वा पूजा की घटना को बताया विवाद की जड़
हिमांशु भगत ने बताया कि 7 पूजा को उन्होंने जदयू व्यवसायिक नवगछिया ग्रुप में दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट साझा किया था। उन्होंने ग्रुप में रूट की वास्तविक स्थिति पर टिप्पणी की थी, जिससे कुछ लोगों को आपत्ति हुई और विवाद वहीं से शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि “मैंने सिर्फ प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट साझा किया था और बताया था कि जमीनी स्तर पर व्यवस्था कैसी है। लेकिन कुछ लोगों को यह नागवार गुज़रा, जिसके बाद मेरे खिलाफ साजिश की गई।”

“मुशहरी पट्टी में अवैध शराब और स्मैक की बिक्री”
हिमांशु भगत ने आगे कहा कि मुशहरी पट्टी क्षेत्र में अवैध शराब और स्मैक की बिक्री होती है।
“मैं पार्षद प्रतिनिधि हूं, इसलिए जनता अपनी शिकायतें मेरे पास लेकर आती है। परंतु एससी-एसटी केस के डर से कोई खुलकर बोल नहीं पाता।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को उठाने के कारण ही उनके खिलाफ साजिश रची गई है।
“मेरे पास वीडियो सबूत मौजूद है”
हिमांशु भगत ने बताया कि उनके पास एक जीपीएस कैमरे से रिकॉर्ड किया गया वीडियो सबूत मौजूद है, जिसमें सूरज महतो और शिवशंकर ऋषिदेव उर्फ टुन्नु को उनके घर के बाहर देखा जा सकता है।
“ये दोनों मेला से लौटने के बाद रात करीब 10 बजे मेरे घर के बाहर गाली-गलौज करने आए थे। जब मैंने विरोध किया, तो उल्टा मेरे खिलाफ झूठा आरोप लगाकर साजिश रच दी गई।”
“फायरिंग का कोई सबूत नहीं”
उन्होंने यह भी कहा कि “अगर वाकई फायरिंग हुई होती तो आज के डिजिटल युग में किसी न किसी के मोबाइल में वीडियो जरूर होता। यह पूरा मामला मनगढ़ंत और हास्यास्पद है।”
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
हिमांशु भगत ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके। उन्होंने कहा कि उन्हें कानून और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वे जल्द ही अपनी बात को औपचारिक रूप से पुलिस को भी सौंपेंगे।

