नवगछिया – गोपालपुर थाना क्षेत्र के डिमहा गांव के मुखिया पति अजय चौधरी पर कथित रूप से चार एकड़ जमीन पर खेती नहीं करने देने का आरोप लगाते हुए गांव के ही 73 वर्षीय वृद्ध ब्रजनंदन चौधरी अनुमंडल कार्यालय के सामने अनशन शुरू कर दिया है. वे सुबह दस बजे अनुमंडल कार्यालय के ठीक सामने अनशन पर बैठ गये थे. दोपहर बाद उन्हें अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर उन्हें अनुमंडल परिसर स्थित मैदान के दूसरे छोड़ पर बैठने को कहा गया. वृद्ध बनाये गये स्थल पर जा कर सुबह दस बजे से अनवरत बैठे हैं.
ब्रजनंदन चौधरी ने बताया कि 2005 में अजय चौधरी के ही समर्थकों ने उसके पुत्र राकेश चौधरी का अपहरण जान मारने की नियत से कर लिया था. यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है. विगत तीन वर्षों से उसे अपहरण का केस उठा लेने का दबाव बनाया जाने लगा. जब वे लोग नहीं माने तो उनलोगों ने उनको अपने खेत पर फसल लगाने से रोक दिया. उनकी जमीन खाली है. वृद्ध का कहना है कि पिछले दिनों वरीय पुलिस पदाधिकारियों को आवेदन दिया और खेत मुक्त करवाने की गुहार लगायी लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं हुई. जब वे पूरी तरह से थक हार गये तो उन्होंने लोकतांत्रिक ढंग से अनशन करने का निर्णय लिया.

कहते हैं एसडीओ
नवगछिया के एसडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि मामला पुलिस का है. पुलिस स्तर से ही इस मामले में कार्रवाई संभव है.
कहते हैं एसडीपीओ
नवगछिया के एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती ने कहा कि उक्त मामले में किसी प्रकार की उन्हें जानकारी नहीं है. जानकारी मिलेगी तो कार्रवाई की जायेगी.
मुखिया पति ने कहा
मुखिया पति अजय चौधरी ने कहा कि ब्रजनंदन चौधरी की जमीन पर किसी ने कब्जा नहीं किया है. वे आदतन केस करने वाले व्यक्ति हैं इसी कारण वे समाज से बहिस्कृत हैं. इस कारण उन्हें जमीन पर जाने का रास्ता नहीं मिल रहा है. पूरा आरोप निराधार है. श्री चौधरी ने कहा कि उन्हें कानून पर भरोसा है. पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारी मामले की जांच कर लें, पूरी जानकारी सामने आ जायेगी.


