नवगछिया । गंगा से तीन प्रखंडों को बचाने वाला इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध मंगलवार सुबह बीरनगर-बुद्धूचक गांव के पास ध्वस्त हो गया। यहां गंगा के जलस्तर में वृद्धि और बीते 19 अगस्त से कमी के चलते स्पर संख्या सात-आठ के बीच दबाव बढ़ गया और करीब 60 से 80 मीटर तटबंध कट गया। जिससे तटबंध पर झोपड़ी बनाकर रह रहे दर्जनों विस्थापितों के घर कटकर गंगा में बह गए। इधर, तटबंध टूटने से गंगा का पानी तिनटंगा, सैदपुर, बीरनगर गांव के बहियार में फैल गया है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसल में पानी फैल गया है। बाढ़ का पानी गोपालपुर-बुद्धूचक पक्की सड़क पर बहने लगा है। जिससे आवागमन बंद हो गया है। वीरनगर और बुद्धूचक गांव की स्थिति दयनीय है। बाढ़ आने के बाद प्रभावित लोग घर खाली कर ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं। इस आपदा से तीन प्रखंड गोपालपुर, रंगरा चौक और इस्माईलपुर की करीब एक लाख की आबादी प्रभावित होगी। यदि बाढ़ ने विकराल रूप लिया तो एनएच 31 पर खतरा बढ़ जाएगा।


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मटेरियल ले जाने के लिए तटबंध को खाली करा रहा प्रशासन

तटबंध टूटने की सूचना पर डीआईजी विवेकानंद और डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी भी कटाव स्थल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने एसडीआरएफ टीम के साथ नदी क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद डीएम ने बाइक से तटबंध का निरीक्षण किया। डीएम ने बताया कि इस्माईलपुर-बिंदटोली तटबंध को खाली कराया जा रहा है। ताकि क्षतिग्रस्त स्परों की मरम्मत हो सके। प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाया जा रहा है। लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा जा रहा है। करीब एक हजार प्रभावित परिवारों के लिए दो जगह पर बनी राहत शिविर में भोजन आदि की व्यवस्था की गई है। पटना से अभियंताओं की टीम टूटे स्थल का निरीक्षण करने आ रही है।

पानी का बहाव तेज, बड़ी आबादी आएगी चपेट में

डीएम ने बताया कि तटबंध खाली होने के बाद ही मटेरियल पहुंचा पाएंगे। जिससे कटाव रोका जा सकेगा और मरम्मत की जा सकेगी। जिस तरह से बाढ़ का पानी फैल रहा है। इससे प्रभावित होने वाली सभी जगहों पर टीम बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया गया है। गोताखोर व लोकल वॉलेटियरों की मदद से आपदा मित्र तटबंध पर तत्काल बचाव कार्य शुरू करेंगे। तटबंध पर कटाव के साथ लगातार पानी का दबाव बढ़ा हुआ है। जिससे तटबंध पर पानी काफी बहाव काफी तेज हो गया है।

एक दर्जन अभियंताओं की टीम स्थल पर मौजूद

मुख्य अभियंता अनवर जमील ने बताया कि यहां पर कटाव निरोधक कार्य के लिए बौंसी, बांका व अन्य जगहों से सहायक अभियंता एवं कार्यपालक अभियंताओं को प्रतिनियुक्त किया गया है। लगभग एक दर्जन इंजीनियरों की टीम के साथ-साथ अन्य लोग यहां कैंप कर रहे हैं। नवगछिया एसपी पूरण कुमार झा,  एसडीपीओ ओमप्रकाश, एसडीओ डॉ. उत्तम कुमार समेत कई पदाधिकारी मौके पर हैं। साथ ही जल संसाधन विभाग के मुख्य और अधीक्षण अभियंता विशेषज्ञ टीम के साथ वहां पर कैंप कर रहे हैं।

काफी साल पहले यहीं 21 मीटर तटबंध कटा था

बुद्धूचक के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्थल की  मरम्मत नहीं होने से बांध टूटा है। अधिवक्ता मुकेश कुमार ने बताया कि काफी साल पहले यहीं पर 21 मीटर तटबंध कटा था। जिसकी मरम्मत हुई थी। इसमें बोल्डर पिचिंग हुआ था। पुराना होने से यह डैमेज हो गया था। लेकिन बांध पर अतिक्रमण होने से मटेरियल कटाव स्थल तक नहीं पहुंच पाया। जल संसाधन विभाग द्वारा नाव से कटाव स्थल तक मटेरियल पहुंचाने का प्रयास किया गया। लेकिन करंट के कारण मटेरियल वहां तक नहीं पहुंच पाया और बांध कमजोर होने के कारण कट गया।

दर्जन भर गांव पर कटाव का खतरा मंडराया

बांध के टूटने से दर्जन भर गांव में बाढ़ आने की संभावना बढ़ गई है। सैदपुर-तिनटंगा पीडब्ल्यूडी सड़क पर पानी चढ़ने की आशंका है। वहीं, सैदपुर से भंवरा पासकर आसपास के गोढ़ियारी, सुकटिया बाजार, तिनटंगा, लतरा, रंगरा, मुरली, सैदपुर, आजादनगर आदि गांवों में बाढ़ का पानी फैल सकता है।

एनएच-31 तक जा सकता है बाढ़ का पानी

बांध कटने से पानी की धारा इतनी तेज है कि चार से पांच घंटे में बाढ़ का पानी बुद्धूचक, बिंदटोली, बीरनगर, सैदपुर, गोढ़ियारी, बोचाही, गोपालपुर, डिमाहा, अभिया, पंचगछिया में फैल जाएगा। इसके बाद अगर पानी 14 नंबर सड़क पार कर जाता है तो पानी मियां टोला, चपरघट, डुमरिया, लतरा के निचले इलाके में फैलने की संभावना है। यह पानी एनएच-31 तक भी जा सकता है। मुख्य अभियंता ने बताया कि कटावस्थल पर कटाव और अधिक नहीं हो, इसके लिए बेम्बो रोल, हाथीपांव, ट्रिसपर, एनसी दिया जा रहा है।

By न्यूज़ डेस्क

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