नवगछिया । कदवा में दादा-पोते की हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है। घटना से आक्रोशित लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। लोग एसपी को बुलाने की मांग कर रहे थे। आक्रोशित लोगों ने लकड़ी रखकर सड़क जाम कर दिया। लेकिन एसपी सुशांत कुमार सरोज के समझाने पर जाम हटा दिया। आक्रोशित लोग हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी कर न्याय दिलाने के साथ-साथ परिजनों को दस-दस लाख रुपये मुआवजे और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। आक्रोशित लोग शव को पोस्टमार्टम के लिए उठने नहीं दे रहे थे।
प्रशासन के समझाने बुझाने और माले नेता रामदेव सिंह, विन्देश्वरी मंडल, निरंजन भारती ने मामले को शांत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। नवगछिया एसपी सुशांत कुमार सरोज ने लोगों को एक सप्ताह का आश्वासन देते हुए कहा है कि वह इस मामले का जल्द ही उद्भेदन कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे। एसडीओ उत्तम कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल पर जाकर नमूने एकत्र किए। वहीं नवगछिया अनुमण्डल अस्पताल में मासूम किशन के पेट मे गोली फंसे होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हुआ और शव को मायागंज अस्पताल भागलपुर रेफर कर दिया गया।
एसडीपीओ दिलीप कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद खुलासा हुआ कि दादा को मारी गोली पोते के पेट फंस गई।

2019 में लक्ष्मन राय की पहली पत्नी की हुई थी मौत:
2019 में लक्ष्मण राय की पत्नी और किशन की मा प्रीति देवी का निधन हुआ था।बताया जाता है कि पेट मे दर्द होने के बाद उसकी मृत्यु हुई थी। पहली पत्नी से लक्ष्मण को दो पुत्र किशन और गौतम है। दूसरी पत्नी से उसे दो बच्चे हैं।
भाग्यशाली निकला गौतम, बाल-बाल बचा :
दादा के साथ दोनों पोते किशन और गौतम सोते थे। रात में खाना खाने के बाद तीनों सोए देर रात लघुशंका के बाद गौतम दादा के पैर के पास सो गया। पैर के पास सोए गौतम पर अपराधियों की नजर नही पड़ी और वह बाल बाल बच गया।

