उजानी गांव निवासी चिकेन व्यवसायी मो. अहसान की हत्या के बाद गांव में तनाव है। लोग किसी अनहोनी की आशंका से डरे-सहमे हैं। ग्रामीणों की मानें तो अहसान के दोस्त इसी गांव के निवासी मो. शमीम अख्तर की डेढ़ साल पहले अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मो. शमीम कुरसेला के कोटा में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था। शमीम के परिजनों ने मो. संजय उर्फ संजू को आरोप को आरोपी बनाया था। संजू से शमीम का जमीनी विवाद चल रहा था। इसी कारण उसकी हत्या की गई थी।
मित्र होने के नाते मो. अहसान ने शमीम की हत्या मामले में संजू के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी थी। तब से वह अपराधियों के टारगेट पर था। शमीम की हत्या के दो माह बाद बदमाशों ने एनएच-31 पर भवानीपुर टावर चौक के पास मो. अहसान और परबत्ता थाना क्षेत्र के जमुनिया के 25 वर्षीय मो. इजहार को गोली मार दी थी। बदमाशों ने अहसान को छह गोलियां मारी थीं। तब इलाज के बाद अहसान की जान बच गई थी। उस मामले में भी संजू को नामजद किया गया था और वह जेल भी गया था।
किसी अनहोनी की आशंका से डरे-सहमे हैं उजानी गांव के लोग
2014 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव भी लड़ा था

मृतक मोहम्मद अहसान 2014 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव भी लड़े थे। हालांकि वे चुनाव हार गए थे। मिलनसार और मृदुभाषी होने के कारण लोगों से उनकी दोस्ती जल्द हो जाया करती थी। घटना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। मोहम्मद अहसान चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी के बाद पत्नी शाहजहां बानो का रो-रोकर बुरा हाल है।
सुपारी किलर है आरोपी संजय आलम, विभिन्न थानों में कई मामले है दर्ज
उजानी निवासी आरोपी संजय आलम उर्फ संजू ने सुपारी किलर है। पैसे लेकर हत्या करना उसका पेशा है। नवगछिया के बहुचर्चित पूरी लाल हत्याकांड में नाम आने के बाद वह कुख्यात बन गया। उसके खिलाफ नवगछिया के विभिन्न थानों में दर्जनों मामले दर्ज हैं। हाल ही में झारखंड में हाई प्रोफाइल हत्या मामले में वह जेल से छूटकर बाहर आया है। मो. अहसान के परिजनों का आरोप है कि जेल से निकलने के बाद ही संजू ने चचेरे भाई की हत्या कर दी।
