नवगछिया अनुमंडल अस्पताल के आसपास अवैध अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे सेंटरों की जांच सोमवार को एसडीएम ऋतुराज प्रताप सिंह द्वारा की गई। इस निरीक्षण में कुल सात क्लिनिकों, जैसे शिवा डायग्नोज सेंटर, मां अल्ट्रासाउंड, और संजीव कुमार दास नर्सिंग होम, में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई सेंटरों में रजिस्टर और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले।
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शिवा डायग्नोज सेंटर में न तो कोई रजिस्टर था और न ही योग्य कर्मचारी मौजूद थे। एक प्रशिक्षु कर्मचारी ने बताया कि उसकी पढ़ाई अभी चल रही है, जिस पर एसडीएम ने सवाल किया कि वह बिना लाइसेंस के कैसे काम कर रहा है, जिसका उसने कोई उत्तर नहीं दिया।
आस-पास के मरीजों से मिली जानकारी में पता चला कि अल्ट्रासाउंड के लिए 1400 रुपये लिए जा रहे थे, लेकिन रसीद प्रदान नहीं की जा रही थी। जब संचालक से रसीद मांगने पर वह प्रस्तुत नहीं कर सका, तो एसडीएम ने नयन अल्ट्रासाउंड को बंद करने का आदेश दिया। अन्य क्लिनिकों में भी खामियों के कारण कड़ी कार्रवाई की गई।

अब एफआईआर की तैयारी की जा रही है और सभी अनियमितताओं की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी जाएगी। एसडीएम ने बताया कि कई सेंटर बिना लाइसेंस के चल रहे थे और कुछ के लाइसेंस की अवधि समाप्त थी। उन्होंने कहा कि अवैध संचालन और मरीजों का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
