नवगछिया : मैथिल ब्राह्मण समाज की नवविवाहित महिलाओं ने मंगलवार को मधु श्रावणी व्रत की शुरुआत की। यह व्रत सावन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी से शुरू होता है। समापन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 27 जुलाई को होगा।
व्रत में महिलाएं भगवान शिव, पार्वती और नागदेव की पूजा करती हैं। पूजा के लिए ससुराल से भेजे गए वस्त्र, लहठी, आभूषण और पूजन सामग्री का उपयोग किया गया। फूल, दूध, धान का लावा, सिंदूर सहित अन्य सामग्री से सुबह-शाम पूजा की गई।
पंडितों के अनुसार यह पर्व लोक संस्कृति पर आधारित है। हर साल सावन में पंचमी से तृतीया तक मनाया जाता है। व्रत के दौरान महिलाएं नमक नहीं खातीं। पूजा में केवल ससुराल से आई सामग्री का प्रयोग होता है। इस व्रत का नवविवाहिताओं को बेसब्री से इंतजार रहता है।


