नवगछिया अनुमंडल के लोग अपने सामान को इस शहर से दूसरे शहरों में भेजने के लिए परेशान हो रहे हैं। खासकर वे कारोबारी जिन्हें अपना माल नवगछिया  बिहार से बाहर अन्य प्रदेशों में भेजना और लाना होता है। इसकी वजह नवगछिया रेलवे स्टेशन पर पार्सल बुकिंग का बंद हो जाना है। 4 साल से रेलवे में बुकिंग न होने से यहां के व्यवसायी और बाहर रहने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग लंबे समय से इसके पुनः शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यहां यह सुविधा बहाल नहीं हो रही। ऐसे में मजबूरी लोग रोडवेज के सहारे अपना सामान बाहर भेज और मंगा रहे हैं।

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इसके लिए उन्हें ज्यादा रकम भी चुकानी पड़ रही है। बता दें कि रेलवे ने नवगछिया में 2019 में पार्सल बुकिंग बंद कर दी है। जिसके बाद से अब तक व्यापारी सड़क मार्ग से अपना सामान भेजने रहे हैं। रेलवे की ओर से स्टेशनों को सुदृढ़ और अधिक हाई-फाई बनाने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस स्टेशन पर राजधानी सहित अन्य कई एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव ठहराव भी है। मगर यहां पार्सल सेवा न होने से व्यापारियों को कटिहार या बेगूसराय से अपने सामानों की बुकिंग करनी पड़ती है, जो इनके लिए घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

व्यापारियों व आम लोगों को करीब 80 किलोमीटर का फासला तय कर पार्सल बुकिंग कराने कटिहार जाना पड़ता है। सड़क मार्ग से सामानों को बाहर भेजते और मंगाने में दिक्कत के साथ साथ मुनाफा भी कम हो रहा है। पार्सल बुकिंग सेवा बंद होने के पीछे ऐसा भी नहीं है कि उस समय रेलवे को इससे कोई घाटा हो रहा था। चार साल पहले भी इस स्टेशन पर पार्सल बुकिंग से अच्छी खासी रेवेन्यू मिल जाती थी। वर्ष 2019 में रेलवे को पार्सल से 55 लाख रुपए की आमदनी हुई थी। इसके बंद होने के पीछे ट्रेनों का सिर्फ दो मिनट का ठहराव होना है। इतने कम समय में पार्सल को लोड करना रेलवे के लिए मुश्किल का सबब बन रहा था।

जिसके कारण रेलवे द्वारा यहां पार्सल सेवा खत्म कर दी गई। यहां यह सेवा और ट्रेनों के अधिक देर तक ठहराव के लिए यात्रियों और व्यापारियों की ओर से लिखित मांग रेलवे के अधिकारियों से भी की थी, मगर इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। नवगछिया बाजार के व्यापारी अशोक केडिया का कहना है कि रेलवे से पार्सल की सुविधा बंद होने से अब उन्हें अपना सामान कूरियर या गाड़ी के माध्यम से बाहर से मंगाना और भेजना पड़ता है। जिसमें उन्हें सामान की असुरक्षा के साथ पैसे भी अधिक लगते हैं।

साथ ही सामान देर से भी पहुंचता है। व्यापारी विद्या शराफ, विक्रम भुडोलिया, नशन चिराणिया ने कहा कि नवगछिया स्टेशन से पार्सल की सेवा बंद होने से अब सामान लाने और ले जाने के लिए रोडवेज का बस का इस्तेमाल करना पड़ता है। हालांकि पहले की तुलना में अब व्यापारी ज्यादा सामानों को बाहर से ट्रांसपोर्ट के जरिए मंगवा रहे हैं। इसके लिए राशि भी ज्यादा चुकानी पड़ रही है। अगर यही सामान रेलवे द्वारा मंगाया जाता है तो इससे रेलवे को अधिक मुनाफा होता ।

By न्यूज़ डेस्क

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