नवगछिया के रंगरा चौक पर 12 फरवरी को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया, जिसमें करीब तीन दर्जन अस्थायी और झोपड़ीनुमा दुकानों को हटाया गया। इस कार्रवाई से छोटे दुकानदारों की रोज़ी-रोटी प्रभावित हुई और इलाके में आक्रोश फैल गया।
हालांकि प्रशासन ने अगले दिन भी अभियान जारी रखने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। दुकानदारों का आरोप है कि सिफारिश और दबाव के चलते कार्रवाई बीच में ही रोक दी गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि चौक और आसपास के बाजार क्षेत्र में कई बड़े व्यवसायियों ने पक्के निर्माण और शेड बढ़ाकर स्थायी अतिक्रमण कर रखा है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। लोगों ने सवाल उठाया कि अगर अतिक्रमण हटाना ही मकसद है, तो कार्रवाई सिर्फ गरीब दुकानदारों तक क्यों सीमित है।

ग्रामीणों ने ग्राम कचहरी और पंचायत भवन की जमीन पर भी अवैध कब्जे का आरोप लगाया है।
वहीं इस मामले में अंचल अधिकारी आशीष कुमार ने कहा कि अभियान बंद नहीं हुआ है, बल्कि फिलहाल टीम ‘फार्मर रजिस्ट्री’ के कार्य में व्यस्त होने के कारण अगली कार्रवाई टल गई है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से निष्पक्ष और बिना भेदभाव के अभियान चलाने की मांग की है, ताकि छोटे और बड़े सभी अतिक्रमणकारियों पर समान रूप से कार्रवाई हो सके।

