नवगछिया : जिस तरह पुलिस के तकनीकी अनुसंधान के तरीकों में बदलाव आ रहा है उसी तरह अपराधियों के शातिराना अंदाज भी बदल रहे हैं। इससे बदमाशों की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन रहा है। पुलिस को चकमा देने के लिए बदमाश अब अक्सर ऐसी जगह को मुफीद मान रहे हैं, जहां सीसीटीवी कैमरे आदि न लगे हों।
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इससे पुलिस अनुसंधान में तकनीकी साक्ष्य नहीं मिलता है तो पुलिस जानबूझकर मामले की फाइल ठंडे बस्ते में डाल देती है। नवगछिया पुलिस जिला के नए कप्तान पूरण कुमार झा को भी इन चुनौतियों से दो चार होना होगा। पूर्व के ऐसे कई हत्या और लूट के मामले हैं मामले हैं जिनका निष्पादन नहीं हो सका है।
एसपी के सामने इन मामलों के सुलझाने की है चुनौती
कैस 1 – कदवा ने 29 जनवरी 23 में सो रहे दादा-पोते को गोली मारकर हत्या का मामला।

कैस 2 – कदवा में 7 जून 2022 में को सो रहे शिक्षक आनंदी प्रसाद सिंह की हत्या का मामला।
कैसा 3 – इस्माइलपुर में 23 जनवरी 2024 में मनोज मंडल की गोली मारकर हत्या का मामला।
कैस 4 – नवगछिया थाना क्षेत्र में सीएसपी संचालक से 1 जनवरी 2024 को 3 लाख की लूट का मामला।
कैस5 – रंगरा के मुरली में सो रहे दादा और तीन पोतियों को जिंदा जलाने की कोशिश का मामला।
कैसा 6 – गोपालपुर के सुकटिया बाजार में 29 नवंबर 2022 को टिंकू सोना चांदी दुकान में लूट का मामला।
कैस7 – नवगछिया थाने के सामने सेवानिवृत फौजी से चार लाख की लूट का मामला।
बैरा8 – रंगरा के पेट्रोल पंप के पास 28 जनवरी को मवेशी की गाड़ी से नकदी की ‘लूट का मामला।
