नवगछिया : बिहपुर थाना क्षेत्र के सोनवर्षा निवासी एएसआई केदार कुंवर के 25 वर्षीय पुत्र रोहित की हत्या मामले में एक नया मोड़ आ गया है। बहन से प्रेम प्रसंग का विरोध करने पर उसके प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रोहित की हत्या कर दी थी। नवगछिया पुलिस ने प्रेमी सोनवर्षा निवासी प्रियम कुमार को हत्या में प्रयुक्त खून लगा चाकू, खून लगा कपड़ा, दो मोबाइल व दो बाइक के साथ गिरफ्तार कर लिया।

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एसपी सुशांत कुमार सरोज ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि रोहित की मां मंजू देवी के लिखित आवेदन पर फिरौती हेतु अपहरण की प्राथमिकी 29 मार्च को दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसडीपीओ दिलीप कुमार के नेतृत्त्व में एसआईटी का गठन कर तकनीकी व मैन्युअल अनुसंधान कर कुछ लोगों को पूछताछ हेतु हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान तकीनीकी साक्ष्य के आधार पर सोनवर्षा निवासी प्रियम कुंवर पिता नवल किशोर कुंवर सहित तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। प्रियम से पूछताछ में उसने अपनी व अपने अन्य दो सहयोगियों की संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि अपहृत रोहित कुमार की हत्या 28 मार्च की रात्रि दस बजे ही चाकू से गला रेतकर कर दी गयी थी। उसकी निशानदेही पर रोहित का शव, खून से सना कपड़ा, घटना में प्रयुक्त खून लगा चाकू, दो मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त दो बाइक बरामद की गयी।

बहन के प्रेम में बाधा बना था रोहित

आरोपी प्रियम ने बताया कि वह मृतक की बहन ज्योति से प्रेम करता था। रोहित इसमें रोड़ा बन रहा था तथा वह कभी भी मेरी हत्या करवा देता। एक-दो माह पूर्व उसने अपने छोटे भाई के साथ मिलकर उसकी पिटाई की थी और धमकी दी थी कि बहन से दूर रहे। इसलिए दोस्त शिवम व सुन्दरम के सहयोग से रोहित की हत्या करने का षड्यंत्र रचा। उसने गांव के ही शिवम और सुंदरम से बात की। शिवम का वहां ननिहाल था, उसका घर जमालपुर में है। घटना के दिन प्रियम रोहित की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए था। भोज खाने के बाद दोनों ने रोहित को कहा कि उसको जान का खतरा है। चलो हथियार देते हैं। दोनों ने उसे बहला-फुसलाकर बाइक से बभनगामा बगीचा में लाकर डरा-धमाकर पुलिस को गुमराह करने हेतु रोहित के ही मोबाइल से उसके अपहरण कर लिये जाने तथा बतौर रंगदारी रुपया अमित को दे देने की बात रिकार्ड करवाया तथा रिकार्डिंग को रोहित के ही मोबाइल से ही उसकी बड़ी बहन को भेजा गया। अपराधियों को इस बात की जानकारी थी कि रोहित का अपने जीजा अमित से विवाद चल रहा है। अमित का नाम लेने से कोई इन लोगों पर शक नहीं करेगा तथा सभी लोग समझेंगे कि रोहित के जीजा अमित ने ही रोहित का अपहरण रुपयों की खातिर कर लिया है।

गन प्वाइंट पर नहीं हुआ था अपहरण: एसपी

एसपी ने कहा कि रोहित का गन प्वाइंट पर अपहरण नहीं किया गया था। उसे हथियार के लिए फुसलाया गया था। हथियार के लोभ में वह शिवम और सुंदरम के साथ चला गया। रोहित को रास्ते से हटाने के लिए ही प्रियम ने एक साजिश रचकर इस घटना को अंजाम दिया। फिरौती के लिए नहीं प्रेम में बाधा बनने के कारण रोहित की हत्या की गई थी।

स्पीडी ट्रायल के तहत दिलाई जाएगी सजा

एसपी ने कहा कि अनुसंधान के क्रम में जो भी वैज्ञानिक साक्ष्य आए हैं, उसे समय पर प्रस्तुत कर स्पीडी ट्रायल के तहत सजा दिलाई जाएगी।

टीम में शामिल अधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा

सुशांत कुमार सरोज ने बताया कि छापेमारी टीम को सदस्य बिहपुर थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह, गोपालपुर थानाध्यक्ष नीरज कुमार, पु अनि रमेश कुमार, परि पु अ नि आशुतोष कुमार, बिट्टू कुमार कमल, उमाशंकर, योगेश कुमार, सअनि सतेन्द्र कुमार सिंह व डीआईयू टीम नवगछिया शामिल थे। उन्होंने बताया कि छापेमारी टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा। मृतक के परिजनों पर बिहपुर थानाध्यक्ष द्वारा दुर्व्यवहार किये जाने पर उन्होंने कहा कि यदि परिजनों द्वारा इस तरह की शिकायत की जायेगी तो मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। वहीं फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

By न्यूज़ डेस्क

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