नवगछिया बाजार को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर परिषद प्रशासन चार बार सड़क किनारे की जमीन की मापी करा चुका है। इसके बाद कई 30 से अधिक मकान और दुकानों पर लाल निशान लगाकर एक सप्ताह में कब्जा हटाने के लिए नोटिस भी जारी किया था। लेकिन अब तक कब्जाधारियों ने जमीन खाली नहीं की है। वहीं नगर परिषद प्रशासन ने भी कोई कार्रवाई नहीं की है। आखिरी बार नवंबर में मापी कराई गई थी। तब नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा था कि पंचायत चुनाव के बाद अतिक्रमण हटाया जाएगा। अब पंचायत चुनाव हुए भी तीन माह से अधिक हो गए हैं। तब चेतावनी दी गई थी कि कब्जाधारी खुद जगह खाली कर दें, अन्यथा नगर परिषद द्वारा अतिक्रमण हटाया जायेगा। ऐसी स्थिति में अतिक्रमण हटाने का खर्च भी कब्जाधारियों से वसूला जाएगा। आलम यह है कि बाजार की सड़क संकरी हो गई है। इससे बाजार में रोज जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। सड़क इतनी संकरी हो गई है कि बाजार में आग लग जाए तो दमकल की गाड़ी भी वहां तक नहीं पहुंच सकेगी। अब लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नगर परिषद क्यों इन अतिक्रमणकारियों को हटाने में कतरा रहा है।
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30 से अधिक दुकानों व मकानों को चिह्नित कर पंचायत चुनाव के बाद कब्जा हटाने को कहा था
नवगछिया बाजार के अलावा खिरनई नदी से भी अतिक्रमण हटाने के लिए भी नगर परिषद और अंचल प्रशासन ने 6 माह पहले जमीन की मापी कराई थी। तब प्रशासन ने 19 लोगों को जगह खाली करने के लिए नोटिस भी दिया था। लेकिन वहां से भी अब तक कब्जा नहीं हटाया जा सका है। इसको लेकर नवगछिया के कुछ लोगों ने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से भी शिकायत की है। वहीं गोपालपुर विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल इस मुद्दे को विधानसभा में उठा चुके हैं। लोगों का कहना है कि नवगछिया बाजार से अतिक्रमण हटाने से पहले प्रशासन खिरनई नदी किनारे से कब्जा हटाए।
कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, कोर्ट के फैसला का इंतजार है
नवगछिया बाजार से अतिक्रमण हटाने की कवायद की जा रही थी। मगर इसी बीच कुछ कब्जाधारियों ने हाईकोर्ट में वाद दायर कर दिया। इस कारण वहां से अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। अब हाईकोर्ट के निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-अजहर हुसैन, सिटी मैनेजर, नगर परिषद नवगछिया बाजार में अतिक्रमण के कारण सड़क संकरी हो गई है।

