नवगछिया के इस्माइलपुर बिंद टोली में कटाव स्थल पर जाने के क्रम में कटिहार के जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के मुख्य अभियंता अनवर जमील एनडीआरएफ के बोट से गिरकर गंगा की तेज धारा में बहने लगे। पानी में गिरते ही वो घबरा गए। गनीमत रही कि उन्होंने लाइफ जैकेट पहन रखा था, जिसके बाद चीफ इंजीनियर को तुरंत नदी में रस्सी फेंकी गई और उसके सहारे वापस बोट पर लाया गया। करीब दो मिनट के अंदर उनको रेस्क्यू कर लिया गया। वे एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की दो टीम के साथ टूटे तटबंध को देखने जा रहे थे।
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घटना शनिवार दोपहर करीब एक बजे की है। गंगा से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद इंजीनियर ने कहा कि मुझे तो लगा कि अब मर ही गए। जिंदगी खत्म हो गई, लेकिन भगवान ने बचा लिया। चीफ इंजीनियर स्पर संख्या 9 के कटने की सूचना पर इंस्पेक्शन करने गए थे, तभी वे बोट से सीधे गंगा में गिर गए।
इस्माइलपुर बिंद टोली में कटाव स्थल के निरीक्षण को गए थे
बैलेंस बिगड़ा और गंगा में गिर गए

चीफ इंजीनियर को शनिवार को सूचना मिली की गोपालपुर बिंद टोली बांध के स्पर संख्या 9 में कटाव हुआ है। इसको देखने वे एनडीआरएफ की बोट से जा रहे थे। तभी स्पर संख्या 9 के पास एनडीआरएफ के बोट की गति तेज होने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया, और वे नदी में गिर गए।
हादसा देख राहत टीम व अधिकारियों के होश उड़े
हादसा देख राहत टीम व अधिकारियों के होश उड़ गये। आनन-फानन में तीन मोटरबोट से उन्हें घेर लिया गया। रस्सी के सहारे बचाव टीम के सदस्य नदी में उतरे। फिर उनकी ओर रस्सी फेंककर उन्हें मोटरबोट में खींच लिया गया, जिसके बाद पीड़ितों के लिए लगी मेडिकल टीम के चिकित्सकों ने उनकी जांच की। उससे पहले जिला, अनुमंडल व मायागंज अस्पताल के चिकित्सकों को घटना की सूचना दे दी गयी थी। एंबुलेंस को भी तैयार रहने को कह दिया गया था, लेकिन मेडिकल टीम ने जांच करने के बाद राहत की सांस ली। बाद में वे राहत व बचाव कार्य के कैंप कार्यालय गये।
