नवगछिया : कोसी नदी में आयी बाढ़ के पानी से जलमग्न हो चुके लोकमानपुर पंचायत में गर्भवती महिलाओं को सरकारी दावा के अनुसार स्वास्थ्य सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है। इस कारण प्रसव कराने के लिए पीड़िता को खुद खर्च का जिम्मा उठाना पड़ रहा है। जबकि मुख्यमंत्री नवगछिया का दौर कर बाढ़ की स्थिति से रूबरू होकर स्थानीय पदाधिकारियों को पीड़ित परिवार को समुचित सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दे चुके हैं। किन्तु यह दावा साकार होता नहीं दिख रहा है।
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शनिवार को लोकमानपुर पंचायत के सिहकुंड निवासी दीपक साह की पत्नी प्रियंका देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। किन्तु गांव में इन्हें किसी प्रकार की सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इसके बाद स्थानीय आशा के सहयोग से निजी खर्च कर पीएचसी पहुंची। जहां देर शाम प्रसव हुआ। वहीं पीड़िता ने बताया कि पीएचसी आने में एक हजार रुपये का खर्च उठाना पड़ा। इसी पंचायत के लोकमानपुर निवासी बुधो सिंह की पुत्री सह प्रसव पीड़िता शांति देवी भी एक हजा

र रुपये खर्च कर शनिवार की देर रात पीएचसी पहुंची।
हालांकि ड्यूटी पर तैनात एएनएम द्वारा अभी समय पूरा नहीं होने की बात कह कर वापस कर दिया गया। सरकार के निर्देशानुसार ऐसे क्षेत्र की गर्भवती की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए स्थानीय पदाधिकारियों द्वारा मेडिकल टीम गठित की जा चुकी है। संबंधित क्षेत्र की एएनएम, आंगनबाड़ी सेविका, आशा समेत अन्य कर्मियों को गर्भवती की नियमित देखभाल करनी है

