30 से अधिक कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा, नृत्य-संगीत से गूंजा परिसर
नवगछिया: तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय वार्षिक अंतर-महाविद्यालय सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘उत्कर्ष-2026’ का गुरुवार को बीएलएस कॉलेज नवगछिया में उत्साह, उल्लास और भव्यता के साथ शुभारंभ हुआ। लगभग 20 वर्षों बाद विश्वविद्यालय स्तर का यह सांस्कृतिक आयोजन दोबारा इस तरह आयोजित होने से छात्र-छात्राओं में खास उत्साह देखा गया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा एवं परमपूज्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता स्वामी आगमानंद महाराज ने की।
इस अवसर पर बनारसी लाल सर्राफ महाविद्यालय के सचिव सह टीएमबीयू सिंडीकेट सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों और आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की नई बिल्डिंग, पुस्तकालय तथा बीसीए और बीएलिस विभाग की कक्षाएं अगले सत्र से संचालित होंगी।

छात्रों के समग्र विकास का मंच है ‘उत्कर्ष’
कुलपति प्रो. विमलेंदु शेखर झा ने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों के समग्र विकास, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित महाविद्यालयों में भी ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में बिहपुर विधायक ई. शैलेन्द्र, सिंडीकेट सदस्य डॉ. शंभू दयाल खेतान, नगर परिषद नवगछिया के सभापति प्रेम सागर, एमएलसी विजय सिंह समेत विश्वविद्यालय एवं क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रतिभाओं का दिखा अद्भुत संगम
उद्घाटन समारोह के बाद विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का दौर शुरू हुआ, जिसमें 30 से अधिक महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
इन प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
- शास्त्रीय नृत्य (Solo Classical Dance): 20 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
- गायन प्रतियोगिता: 25 महाविद्यालयों के छात्रों ने भजन, गजल, सूफी और देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।
- नकल अभिनय (Solo Mime) एवं वादन प्रतियोगिता (Solo Instrumental): प्रतिभागियों ने सितार, गिटार, बांसुरी और तबला वादन से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- फोक डांस: 21 महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने लोक संस्कृति की रंगारंग झलक पेश की।
विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन
प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन के लिए ज्यूरी में एसएम कॉलेज भागलपुर की प्राचार्य प्रो. निशा झा, प्रो. नीलिमा, डॉ. सपना, डॉ. नीतू, डॉ. प्रज्ञा राय, प्रियंका सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षक मौजूद रहे।
अनुशासन और उत्साह का दिखा सुंदर समन्वय
पूरे आयोजन के दौरान छात्रों में अनुशासन, ऊर्जा और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। कॉलेज परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ने कार्यक्रम को और जीवंत बना दिया। प्रतियोगिताओं का सिलसिला अगले दिन भी जारी रहेगा, जिसके बाद विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।
‘उत्कर्ष-2026’ स्मारिका का हुआ विमोचन
उद्घाटन अवसर पर कुलपति एवं अन्य अतिथियों द्वारा ‘उत्कर्ष-2026’ स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
सफल आयोजन में सबकी रही सक्रिय भागीदारी
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में बीएलएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिनकर आचार्य, महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

