नारायणपुर – बेरोजगारी के कारण तीनों बदमाशों ने अपहरण कर तुरंत लखपति बनकर रोजगार करने की चाह में बालक के अपहरण की दो साहसिक वारदात को अंजाम दिया.
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नवगछिया एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि बदमाशों ने पूछताछ में अपने जुर्म को कबूल करते हुए कहा कि सूरज का पिता भोज में रसोइया का काम करता है. जिससे उसे बहुत कमाई होता है इसलिए उससे रुपए लेने के लिये उसके बेटे सूरज का अपहरण कर लिया. बरामद हुआ बालक सूरज के पिता अमरजीत रजक शादी आदि समारोह में रसोइया का काम बनाने में करता है. इसके स्वादिष्ट भोजन के कारण आयोजन में इसका व्यवसाय बढ़िया चलने ल

गा था.
इसकी कमाई पर इसके पड़ोसी सौरभ, राकेश का नजर गया. अमरजीत के साथ गिरफ्तार सौरभ का भाई दीपक सहायक रसोइया का काम करता है. अमरजीत की कमाई कहाँ से कैसे होता है इसकी जानकारी दीपक अपने भाई सौरभ को दिया करता था. दोनों का घर आसपास है. इस बीच सौरभ को किसी दलाल के द्वारा बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने के बारे में कहा गया उसके लिये रुपये की जरूरत थी. इसलिए सौरभ ने राकेश, शिवम के साथ मिलकर अपहरण का योजना बनाया.
जिसमें उसने रसोइया अमरजीत के पुत्र सूरज का अपहरण कर लिया. अपहरण के बाद सौरभ और राकेश, शिवम ने मोबाइल द्वारा अमरजीत से छह लाख का मांग किया. लेकिन अमरजीत के पास रुपये नहीं था इसलिये उसने इसकी जानकारी भवानीपुर पुलिस को दिया. उसी मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करले सूरज को बरामद किया.

