नवगछिया : विक्रमशिला पुल पर वाहनों के परिचालन बंद होने के कारण यात्रियों में की संख्या में व्यापक कमी आई है. पुल पर परिचालन बंद हुए तीन दिन हो गए हैं. तीन दिनों में भागलपुर आने जाने वाले यात्रियों की संख्या आधी हो गई है. पुल पर परिचालन बंद होने से बस चालकों के आमद में कमी आई है तो ऑटो चालकों को इसका फायदा मिला है. बस के कंडक्टर पूर्णिया जिले के अशोक कुमार यादव कहते हैं कि पुल बंद होने के बाद सबाड़ी नहीं हो रहा है. सुबह एक बार जब पूर्णिया से आते हैं तो शाम को ही जाते हैं. शाम में भी जब जीरो माइल से खुलते हैं तो गाड़ी की आधा से अधिक सीट खाली रह जाती है.
सबाड़ी नहीं होने के कारण मालिक का चलन भी नहीं पूरा हो पाता है. गाड़ी की किस्त भी पूरा नहीं हो पा रहा है. पहले जब हम लोग आते थे तो बस में सबाड़ी पूरी तरह भड़ी होती थी. आमदनी अच्छा खासा हो जाता था. दिन में दो ट्रिप लग जाते थे. वह पुल बंद होने के कारण कई बसे तो जीरो माइल पर पूरे दिन खड़ी की खड़ी रह जाती है. इधर परिचालन बंद होने स ऑटो चालक की आमदनी बढ़ी है.

ऑटो चालक जगतपुर निवासी राजेश कुमार, पकरा निवासी उमेश सिंह कहते हैं कि जीरो माइल से कार्यस्थल तक के लिए सबाड़ी मिल रही है. दिन में चार से पांच ट्रिप हम लोग लगा लेते हैं. ऐसे में पहले की अपेक्षा चालान में दो से तीन रुपये की वृद्धि हुई है. कार्य स्थल तक जाने का हम लोग 15 रुपया किराया लेते हैं. जबकि जगतपुर पार्क जाने वाले यात्रियों से दस रुपये किराया लेते. हम लोगों का उद्देश्य रहता है कि भागलपुर जाने के लिए जो हम लोग 30 किराया लेते थे. उसका आधा किराया हम लोगों को मिल जाता है. आमदनी अच्छी हो रही है. दोनों ओर से सबाड़ी भी पूरी मिल जाती है.

– दुकानदारों पर भी पड़ा है परिचालन बंद होने का असर
पुल पर परिचालन बंद होने के बाद नवगछिया जीरो माइल स्थित चाय नास्ते के दुकान पर भी असर पड़ा है. पकरा के लिट्टी दुकानदार राजेश कुमार ने बताया कि पुल पर परिचालन बंद होने से यहां पर सबाड़ी कम रुक रहे हैं. जिस कारण हम लोगों के रोजगार पर भी असर पड़ा है. लोग बस से उतरते हैं और आनन-फानन में टेंपो पकड़कर भागलपुर की ओर चले जाते हैं. ऐसे में हम लोगों की आमदनी पहले की अपेक्षा आधा हो गई है. पहले लोग यहां पर रुकते थे. आराम से चाय नाश्ता करते थे. उसके बाद भागलपुर के लिए प्रस्थान करते थे. नवगछिया बाजार के फल दुकानदार राजेश महतो, तेतरी के ललन कुमार बताते हैं कि फलों की बिक्री में भी कमी आई है.
– भागलपुर आने जाने में लग रहे हैं अधिक समय
भागलपुर आने जाने में यात्रियों को परिचालन बंद होने के बाद परेशानी बढ़ गई है. भागलपुर निवासी रूपेश कुमार, नवगछिया के अभिषेक कुमार बताते हैं कि भागलपुर आने जाने में पहले ज्यादा से ज्यादा एक घंटा लगता था लेकिन अब अधिक समय लग रहा है. कई स्थानों पर गाड़ी बदलनी पड़ रही है। कुछ दूर पैदल चलना पड़ रहा है. ऐसे में एक घंटा अधिक समय भागलपुर से नवगछिया आने में लग जाता है. इसके अलावा धूप में पैदल चलने के कारण परेशानी होती है. पूर्णिया के यात्री चंदन कुमार बताते हैं कि भागलपुर जाने में उसे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. पूर्णिया से बस से जीरोमाइल आए जीरो माइल से फिर पुल पर गए उसके बाद पैदल चलना पड़ा।फिर ऑटो पाकर कर वे भागलपुर गए. जिस कारण काफी विलंब हुआ. लौटने में भी यही स्थिति रही। परेशानी के साथ साथ आने जाने के किराए भी अधिक खर्च ह जा रहे हैं.

– यात्रियों से ऑटो चालक द्वारा अधिक पैसे की हो रही है वसूली
पुल पर परिचालन बंद होने के बाद यात्रियों से ऑटो व ई रिक्शा वालों द्वारा अधिक पैसे की वसूली की जा रही है. भागलपुर जाने वाले यात्री बाबुल कुमार, अखिलेश कुमार, जितेंद्र कुमार बताते हैं कि ऑटो चालक व ई रिक्शा चालक की काफी मनमानी है. जहान्वी चौक से कार्य स्थल तक जाने में भी दस रुपये की वसूली की जा रही है. उन लोगों ने कहा कि ऑटो चालकों द्वारा की जा रही मनमानी पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है.


