भागलपुर : विक्रमशिला सेतु के पाये में आयी दरार को ठीक करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. इस दौरान वाहनों का परिचालन बंद है. रविवार को मरम्मती कार्य का जायजा लेने जिलाधिकारी प्रणव कुमार व एसएसपी अशीष भारती पहुंचे. दोनों अधिकारियों ने इंजीनियर और अधिकारियों से कार्य के बारे में जानकारी ली. डीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी सूरत में काम में लापरवाही नहीं हो.

तय सीमा के अंदर मरम्मती कार्य को पूरा कर लिया जाये. इधर, एक्सपेंशन ज्वाइंट फिटिंग विक्रमशिला सेतु की मरम्मत का आखिरी काम होगा. इसके फिटिंग के बाद कंक्रीटीकरण कार्य को मजबूत होने के लिए छह से सात दिनों तक छोड़ा जायेगा. इसके बाद इस पर भारी वाहनों को चला कर लोड वेरिफिकेशन करेगा.

सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो मुंबई की कार्य एजेंसी रोहरा रीबिल्ड एसोसिएट से पुलिस प्रशासन को एनओसी मिलेगा. इसके बाद ही विक्रमशिला सेतु से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से शुरू हो सकेगी. तीन अक्तूबर यानी, बुधवार तक एक्सपेंशन ज्वाइंट उखाड़ लिया जायेगा. चार अक्तूबर यानी, गुरुवार तक में सेतु के पाये की दरार पर कार्बन प्लेट चिपकाने का भी काम पूरा होगा.

कार्बन प्लेट चिपकाने का काम 29 सितंबर से हो रहा है. पांच अक्तूबर यानी, शुक्रवार को स्पेंडेड स्पेन के एक तरफ को हाइड्रोलिक जैक से उठाया जायेगा. इसका बॉल-बियरिंग बदलने के बाद छह अक्तूबर यानी, शनिवार को दूसरे तरफ के स्पेंडेड स्पेन को उठायेगा. फिर इस सेंटर के बॉल-बियरिंग बदलेगा. यानी, बारी-बारी से दो दिन पांच व छह अक्तूबर में सेतु को उठा कर बॉल-बियरिंग बदलेगा. इसके बाद एक-एक दिन नया एक्सपेंशन ज्वाइंट फिटिंग और कंक्रीट का काम करायेगा. फिर से इसे मजबूत होने छोड़ दिया जायेगा. इसके बाद ही लोड वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अपनायी जायेगी.

थी कांधे पे हमसफर और दोस्त बन गयी पुलिस
विक्रशिला पुल पर गाड़ियों के आने-जाने की पाबंदियों ने लोगाें के लिए दुश्वारियां जरूर बढ़ा दी हैं, लेकिन इन पाबंदियों ने लोगों के रिश्ते को मजबूत बनाने का भी काम किया है. रविवार की दोपहर सिर पर खड़ी धूप में पुल के तकरीबन बीचोबीच ऐसी ही दुश्वारियों से महेंद्र मंडल और उनकी पत्नी को दो-चार होना पड़ा. अपनी बीमार पत्नी को कांधे पर लिए 75 साल के महेंद्र मंडल पुल पार करने की गुंजाइश तलाश रहे थे.

तभी वहां मौजूद पुलिस वालों की नजर उन पर पड़ी और तत्काल ही दो सिपाही स्ट्रेचर लेकर उनकी ओर लपक पड़े. पुलिस वालों ने बखूबी अपनी जिम्मेदारी निभायी और लाचार कजोमा देवी को स्ट्रेचर पर लिटा कर ऑटो तक पहुंचाया. नवगछिया सैदपुर के रहने वाला यह वृद्ध दंपती जमालपुर से अपने रिश्तेदार के घर से लौट रहे थे.

स्ट्रेचर की सुविधा मिलने पर लोग थे खुश
पुल पर स्ट्रेचर की सुविधा मिलने पर मरीजों को शहर के अस्पताल व निजी क्लिनिक पहुंचने में सुविधा हो रही थी. रविवार को गोगरी वासुदेवपुर के बुजुर्ग वकील यादव को मानसिक बीमारी का इलाज कराने के लिए स्ट्रेचर पर पुल पार कराया गया. परिजनों ने बताया कि उनका इलाज डॉ अरुण सिन्हा के यहां चल रहा है. मायागंज में रविवार को छुट्टी है. उन्हें एडमिट करने में अधिक लोगों को अस्पताल में फंसना पड़ेगा.

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By न्यूज़ डेस्क

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