नवगछिया : विक्रमशिला सेतु पर गुरुवार काे दिनभर महाजाम लगा रहा। इस जाम से सेतु नौ घंटे से अधिक समय तक कराहता रहा। अहले सुबह चार बजे सेतु पर ट्रैक्टर का गुल्ला टूट गया, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। दिन निकलने के साथ-साथ जाम भी नासूर बनाता गया। जाम का असर जीराे माइल तक दिखा। बस, ट्रक, स्काॅर्पियाे सहित अन्य गाड़ियाें की लंबी कतारें लग गईं।
सुबह में नवगछिया, पूर्णिया समेत अन्य रूटाें पर जाने वाली बसें घंटाें जाम में फंसी रहीं। इस दौरान पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी हुई। जाम का असर दाेपहर 1.30 बजे तक रहा। जाम में फंसे लाेग गर्मी से बेहाल दिखे। गाड़ियां रेंगती रहीं। जाम के कारण बहुत सारे यात्रियाें काे बस छाेड़ कर घर लाैटना पड़ा। जब जाम ने विकराल रूप धारन कर लिया तो माैके पर पुलिस पहुंची। हालांकि, पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद दाेपहर 1.30 बजे जाम काे खत्म कराया। जाम समाप्त कराने में पुलिस के पीसने छूट गए।

जाम के आईने में झलकी लोगों की परेशानी
प्रशासन को आईने दिखाने के लिए जाम की समस्या से त्रस्त लोगों की यह तस्वीर काफी है। गुरुवार को सेतु पर करीब नौ घंटे भीषण जाम लगा रहा। जाम की वजह से सवारी बस नवगछिया से भागलपुर की तरफ नहीं आ सकी। इससे लोग गंतव्य के लिए तपती गर्मी में पैदल ही सामान लेकर चल पड़े। इस गर्मी में करीब पांच किमी की पैदल यात्रा लोगों को करनी पड़ी। प्रशासन हर बार जाम से निजात दिलाने के लिए केवल प्लान ही बनता है, लेकिन जमीन पर कभी उतर नहीं पाता है। इसी का नतीजा है कि गुरुवार को एक बार फिर पुल पर जाम लगा और लोग विवश होकर पैदल ही चल पड़े।
विक्रमशिला सेतु पर जाम में फंसे वाहन।
स्कूल के पास गिरा पेड़, सेतु पथ अवरूद्ध

विभिन्न वाहनों से जाह्नवी चौक तक आने वाले यात्रियों के लिए पुल को पैदल पार करना ही एकमात्र विकल्प था। बड़ी संख्या में पैदल यात्री रेलिंग पर चढ़कर पुल पार कर रहे थे। इससे रेलिंग पर बाइक या साइकिल चलने तक की भी जगह नहीं थी। नवगछिया के विनोद कुमार, पसराहा के सुमित यादव, कुर्सेला के सोनू सिंह, फलका के दीपक कुमार ने बताया कि जाम की संभावनाओं को लेकर प्रशासन के पास किसी तरह की तैयारी नहीं है।

वे लोग अच्छी यात्रा व ससमय गंतव्य तक पहुंचने की मंशा से घर से निकलते हैं, लेकिन जाम उनकी मंशा पर पानी फेर देता है। लगातार 10 वर्षों से ऐसा ही हो रहा है, लेकिन प्रशासनिक पदाधिकारी मुकम्मल व्यवस्था नहीं कर रहे हैं। इससे पता चलता है कि सरकार के साथ साथ जनप्रतिनिधि भी जनता की परेशानियों से पूरी तरह से बेखबर है और संवेदन शून्य भी है। परबत्ता थानाध्यक्ष नवनीश कुमार ने जाम का कारण पेड़ गिरना व ट्रैक्टर खराब होना बताया है


