नवगछिया : विक्रमशिला सेतु पर रविवार की रात हाईवा के टक्कर के बाद जाम का प्रभाव सोमवार दोपहर तक रहा। करीब 10 घंटे से ज्यादा समय तक विक्रमशिला सेतु पर भीषण जाम के हालात थे। वाहनों को किसी तरह वनवे कराकर परिचालन कराने का प्रयास किया गया, लेकिन कुछ-कुछ समय के अंतराल पर एक के बाद एक तीन बड़े वाहन सेतु पर खराब हो गए। इस वजह से स्थिति और बिगड़ गई। यही नहीं जाम के कारण कई वीआईपी लोग पुल पर फंस गए थे। उन्हें मशक्कत के बाद किसी तरह जाम से निकाला गया। इस दौरान लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
रविवार की रात दुर्घटना होने के बाद रात करीब 1.30 बजे वाहनों का परिचालन वनवे शुरू कराया गया, लेकिन नवगछिया की ओर पुल पर एक भारी ट्रक खराब हो गया। उसे किसी तरह सुबह तक हटाया गया। सुबह नवगछिया की तरफ से आ रहे दो लोड ट्रक पुल पर फिर से खराब हो गये। इस कारण वनवे परिचालन भी बाधित हो गया। इस सूचना के बाद तत्काल ट्रैफिक डीएसपी आशीष कुमार सिंह, पुल टीओपी इंचार्ज प्रभाकर कुमार पहुंचे। वे लोग पैदल ही पुल पर वाहन खराब होने वाले स्थान पर पहुंचे। जिस समय जाम की स्थिति हुई थी। उस वक्त एक न्यायायिक अधिकारी पुल पर फंस गए। उन्हें निकालने को लेकर अधिकारियों को कहा गया। इसके बाद किसी तरह उन्हें वनवे कराकर आगे निकाला गया। काफी मशक्कत के बाद ट्रैक्टर के सहारे खराब ट्रकों को भागलपुर की ओर लगाया गया। दिन के 2.00 बजे के बाद परिचालन शुरू हुआ।
जाम के कारण नवगछिया से लेकर विक्रमशिला सेतु होते हुए जगदीशपुर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। बाईपास और सबौर की तरफ भी वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान सबसे ज्यादा मुश्किल सेतु पार कर इलाज के लिए मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को हुई। जब ट्रैफिक डीएसपी अपनी टीम के साथ जाम हटाने के लिए घटनास्थल पर जा रहे थे। कुछ लोग वाहनों को ओवरटेक कर आगे बढ़ने के प्रयास में थे। ऐसे वाहन चालकों को ट्रैफिक पुलिस ने पकड़कर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि वे लोग लाइन से नहीं चलेंगे तो कार्रवाई कर जुर्माना वसूला जाएगा।

5 घंटे पुल पर फंसे रहे शिक्षक
जाम के कारण पुल पर भागलपुर से नवगछिया जाने वाले एक दर्जन से ज्यादा शिक्षक फंसे रहे। दरअसल, उन लोगों को समय से स्कूल पहुंचना पड़ता है। वे लोग जाम में इस कदर फंसे कि समय से अपने स्कूल नहीं पहुंच सके। इसी बीच कुछ शिक्षकों ने बताया कि उन लोगों के स्कूल की जांच में वे लोग सोमवार को गायब मिले। साथ ही उन लोगों का समय से उपस्थिति भी नहीं बन पाई।

