शव को अपने कब्जे में लेने के बजाए पिता को खुद उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाने का आदेश देने वाले पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। पुलिस मुख्यालय ने मामला संज्ञान में आने के बाद कुरसेला थाना के सहायक अपर निरीक्षक नंदलाल चौधरी और पुलिस जिला नगवछिया के गोपालपुर थाना के सब इंस्पेक्टर राजदीप नयन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जिले पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने भी इसकी पुष्टि की।

मालूम हो कि गोपालपुर थाना क्षेत्र के तीनटंगा गांव में नदी पार करने के दौरान नीरू यादव का 13 वर्षीय पुत्र हरिओम यादव नाव से गिर गया था। इस मामले में पिता के आवेदन पर गोपालपुर थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया था। पिता को खोजबीन के दौरान पता चला कि उनके पुत्र का शव कटिहार जिले के कुर्सेला थाना क्षेत्र के खेरिया नदी के तट पर उफना रहा है। इस सूचना पर नीरू जब पिछले तीन मार्च को घाट पर पहुंचे तो उनके बेटा का शव सड़ा-गला मिला।

कपड़ा और शारीरिक अंग के आधार पर पिता ने अपने पुत्र के शव को पहचान लिया लेकिन शव को न तो गोपालपुर थाना की पुलिस और न ही कटिहार पुलिस लेकर आई। इसके कारण पिता को अपने पुत्र के शव को एक बोरा में बंद कर उसे लेकर तीन किमी पैदल चलकर थाना आना पड़ा था। परेशान पिता ने बताया कि था पुलिस को सूचना देने पर भी किसी प्रकार की मदद नहीं की गई। एसपी ने बताया कि घटना की सूचना पर सदर एसडीपीओ अमरकांत झा से मामले की जांच करवाई गई। जांच में रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया कि गोपालपुर और कुरसेला थाना के पुलिस पदाधिकारियों द्वारा संबंधित नदी के किनारे पहुंच कर शव को देखा गया। इसके बाद भी दोनों थाना के संबंधित पुलिस पदाधिकारी ने न तो शव को कब्जे में लेकर पुलिस जीप से थाना लाने में मदद की और न ही परिजनों को ही किसी प्रकार का मदद की।

दोनों संबंधित पुलिस पदाधिकारियों ने पुलिस का अमानवीय चेहरा प्रस्तुत कर दागदार पुलिस बनाने का प्रयास किया जो अपने आप में संगीन अपराध है। उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार सुनने को मिला है कि शव मिलने की सूचना पर पुलिस जाती और उसे बरामद नहीं करती है। परिजन के कहने पर भी शव को बरामद करने घटनास्थल पर नहीं पहुंचती है। इससे एक पिता को अपने पुत्र की लाश को बोरे व झोला में बंदकर तीन किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। एसपी ने बताया कि जिले के सभी थानाध्यक्षों को हिदायत की गई है कुरसेला वाली घटना की पुनरावृत्ति किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए। सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने पर मुख्यायल ने यह कार्रवाई की। उधर, पुलिस मुख्यालय के मुताबिक पुलिस मानवाधिकार के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और असंवेदनशीलता या मानवाधिकारों के हनन का कोई भी मामला सामने आने पर दोषीकर्मी पर कार्रवाई अवश्य होगी।

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By न्यूज़ डेस्क

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