नवगछिया में स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला गंभीर मामला सामने आया है। गोपालपुर प्रखंड स्थित आदर्श मध्य विद्यालय, धरहरा में कक्षा 7 की छात्रा को शिक्षक द्वारा 100 बार उठक-बैठक कराने पर उसकी हालत बिगड़ गई। छात्रा बेहोश हो गई और बाद में उसकी आवाज भी बंद हो गई। वर्तमान में छात्रा की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उसे मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है।
कक्षा में सहेली से बात कर रही थी छात्रा
स्कूल की अन्य छात्राओं के अनुसार, प्रीति कुमारी कक्षा में अपनी सहेली से बात कर रही थी। इसी दौरान शिक्षक गौरव कुमार ने उसे 100 बार उठक-बैठक करने का दंड दिया। छात्राओं का कहना है कि प्रीति कई बार लड़खड़ाई और जमीन पर बैठ गई, लेकिन शिक्षक ने उसे अभ्यास जारी रखने को कहा।
100 उठक-बैठक के बाद बेहोश होकर गिर पड़ी
कुछ ही देर बाद प्रीति बेहोश होकर जमीन पर गिर गई। इसके बाद अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे। छात्रा की हालत बिगड़ने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने करीब एक घंटे बाद उसके परिजनों को फोन कर सिर्फ इतना बताया कि बच्ची की तबीयत खराब है और उसे घर ले जाएं।

बिना उपचार बच्ची को ई-रिक्शा से भेज दिया
परिजन तत्काल स्कूल नहीं पहुंच सके। तब स्कूल प्रबंधन ने बिना किसी प्राथमिक उपचार के, प्रीति को उसकी बड़ी बहन के साथ ई-रिक्शा से घर भेज दिया। घर पहुँचने के बाद छात्रा की स्थिति और खराब हो गई। उसकी मां खुशी देवी ने बताया कि बेटी की आवाज़ पूरी तरह बंद हो गई है और वह केवल इशारों में जवाब दे पा रही है।
स्थिति गंभीर होने पर परिजनों ने बच्ची को नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुँचाया, जहां से चिकित्सकों ने उसे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश
परिजनों का आरोप है कि:
बच्ची को अमानवीय दंड दिया गया
बेहोश होने के बाद भी समय पर उपचार नहीं कराया
गंभीर हालत होने के बावजूद स्कूल ने उसे ई-रिक्शा से घर भेज दिया
स्कूल प्रबंधन और आरोपी शिक्षक ने लापरवाही की, जिससे बच्ची की जान खतरे में पड़ गई है
ग्रामीणों और परिवारजनों ने आरोपी शिक्षक गौरव कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से हस्तक्षेप की अपील की है।

