नवगछिया/बिहपुर स्वास्थ्य विभाग की ओर से ओपीडी में ऑनलाइन काम किए जाने के निर्देश से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। पर्ची से लेकर हर तरह के कार्य ऑनलाइन होने से मरीजों को उपचार व जांच के लिए घंटों अस्पताल में इंतजार करना पड़ता है। बिहपुर के करीब 40 गांवों के मरीजों का इलाज बिहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में मरीज की पर्ची हाथ से बनाई जाती थी। जिसमें मरीज का नाम, उम्र को अंकित किया जाता था। पुराने सिस्टम के चलते मरीजों को पर्ची बनवाने में ज्यादा समय नहीं लगता था।
Total Downloads: 181
लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ओपीडी में ऑनलाइन पर्ची से लेकर अन्य काम को ऑनलाइन कर दिया गया है। गुरुवार को 100 से अधिक मरीज अस्पताल पहुंचे थे। इस दौरान कभी नेटवर्क नहीं रहने तो कभी सर्वर डाउन होने से चार घंटे तक मरीजों को इंतजार करना पड़ा। ऑपरेटर केशव कुमार ने बताया कि अस्पताल में दो वाईफाई कनेक्शन लगा है। वाईफाई का नेटवर्क नहीं मिलने से दिक्कत होती है। डॉक्टर के मोबाइल में कनेक्ट करके कार्य पूरा किए जाते हैं। इस प्रक्रिया ने मरीजों की परेशानी को और बढ़ा दिया है। मजबूरन उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
मरीजों ने कहा-इससे हमारा समय बर्बाद होता है अस्पताल आने वाले मरीज का रिकार्ड ऑनलाइन किए जाने के चलते कंप्यूटर से पर्ची बनवाना, बिलिंग सहित अन्य काम भी ऑनलाइन कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं पर्ची बनवाते समय मरीज का नाम, उम्र, पिता का नाम, पूरा पता, बीमारी का नाम, मोबाइल नंबर सहित कई चीज जरूरी कर दिए गए हैं।

बता दें कि नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र में मरीजों को बेहतर सुविधा देने वाला बिहपुर सीएचसी है, जहां पर रोजाना करीब दो सौ से अधिक मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के चलते मरीजों की लंबी कतारें लग गई, जिससे मरीजों को पर्ची बनवाने को लेकर घंटों तक इंतजार करना पड़ता है। मरीजों ने कहा, कि ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण डॉक्टर और मरीज दोनों का समय बर्बाद होता है।
