नवगछिया: दो विधायकों की ‘ताकत’ और लगातार पैरवी से तेज हुई प्रक्रिया, सरकार की प्राथमिकता सूची में आया प्रस्ताव
भागलपुर जिले का नवगछिया अनुमंडल एक बार फिर नया जिला बनने की दिशा में मजबूत दावेदार बनकर उभरा है। लंबे समय से लंबित पड़े इस प्रस्ताव को अब नई गति मिली है। गोपालपुर और बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के दो प्रभावशाली विधायकों द्वारा लगातार फॉलो-अप, सरकारी स्तर पर जोरदार पैरवी और राजधानी पटना में अधिकारियों व मंत्रियों के साथ जारी संवाद का सकारात्मक असर दिखना शुरू हो गया है। राजनीतिक हलकों में अब चर्चा शुरू हो गई है कि 2026 तक नवगछिया एक स्वतंत्र राजस्व जिला (Revenue District) के रूप में सामने आ सकता है।
क्यों बनना चाहिए नवगछिया जिला? जनता की वर्षों पुरानी मांग
- स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी शिकायत यह रही है कि भागलपुर मुख्यालय की दूरी के कारण—
- राजस्व व भूमि संबंधी कामों में देरी
- सरकारी फाइलों के निपटारे में अनावश्यक समय
- प्रशासनिक अधिकारियों से सीधी पहुंच की कमी
दियारा क्षेत्र की विशेष भौगोलिक स्थितियों को लेकर अलग प्लानिंग की जरूरत
- नवगछिया पहले से पुलिस जिला है, लेकिन राजस्व और विकास योजनाओं के लिए इसे भागलपुर पर निर्भर रहना पड़ता है। यही कारण है कि नागरिकों द्वारा लगातार मांग उठती रही है कि इसे पूर्ण जिला बनाया जाए ताकि प्रशासनिक प्रणाली अधिक तेज़ और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप हो सके।
- सरकार के पास वर्षों से लंबित है नवगछिया जिला बनने का प्रस्ताव
- जिलों के पुनर्गठन से जुड़ी फाइल राज्य सरकार के पास काफी समय से लंबित है। कई बार इस पर चर्चा हुई, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो पाया। विभागीय प्रक्रियाओं, सर्वेक्षण, नई सीमाओं के निर्धारण, कार्यालयों की स्थापना और बजट आवंटन जैसे कारणों से प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं।
- दो विधायकों ने ‘दिमाग से रास्ता प्रशस्त’ किया स्थानीय स्तर पर यह कहा जा रहा है कि:
- गोपालपुर विधायक
- बिहपुर विधायक
- दोनों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार में मजबूत तरीके से बात रखी है। अधिकारियों से लेकर मंत्री स्तरीय बैठकों तक में नवगछिया का विषय प्राथमिकता में शामिल रहा है।
जनप्रतिनिधियों का मानना है कि नवगछिया को जिला बनाने से—
- कोसी-Ganga दियारा क्षेत्र के लिए अलग प्रशासनिक ढांचा बनेगा
- विकास योजनाओं में तेजी आएगी
- पुल, सड़क व रेल परियोजनाओं को गति मिलेगी
- अपराध नियंत्रण और आपदा प्रबंधन में विशेष लाभ होगा
- राजनीतिक सूत्रों की मानें तो दोनों विधायकों ने “दिमाग से रास्ता प्रशस्त कर दिया है”—मतलब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर माहौल तैयार कर दिया गया है।
2026 तक फैसला आने की प्रबल संभावना, लेकिन घोषणा नहीं
- फिलहाल किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
हालांकि, पटना के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि: - यदि कैबिनेट की मंजूरी मिलती है
- जिला सीमाओं का प्रारूप तय होता है
- बजट और भवन निर्माण प्रक्रिया में जल्द निर्णय लिया जाता है
- तो 2026 तक नवगछिया एक नया जिला बनकर सामने आ सकता है।
कौन-कौन से प्रखंड शामिल हो सकते हैं? (संभावित स्वरूप)
- अनुमान के अनुसार नवगछिया जिला बनने पर इनमें शामिल हो सकते हैं—
- नवगछिया
- गोपालपुर
- इस्माइलपुर
- नारायणपुर
- रंगरा
- परबत्ता/बिहपुर का कुछ हिस्सा (सरकारी प्रारूप के अनुसार)
- अंतिम प्रारूप सरकार द्वारा तय किया जाएगा।
स्थानीय लोगों में उत्साह और उम्मीद
- प्रस्ताव की चर्चा तेज होते ही स्थानीय लोगों में उत्साह बढ़ गया है। सोशल मीडिया से लेकर बाजारों और पंचायतों में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोगों का मानना है कि यदि नवगछिया जिला बनता है तो—
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- सरकारी दफ्तर स्थानीय रूप से उपलब्ध होंगे
- प्रशासनिक सुविधा बढ़ेगी
- विकास कार्यों में तेजी आएगी

