खरीक : चोरहर में चार करोड़ की लागत से तैयार कटाव निरोधी जियो बैग पिचिंग कार्य का धसान शुरू हो गया है. बीते 3 दिन पूर्व 10 करोड़ की लागत से तैयार तटबंध 500 मीटर के दायरे में ध्वस्त होकर खुशी में समा गया जिसमें एक महिला की मौत हो गयी. चोरहर चौक के समीप जिस रफ्तार से धसान होने लगा है उससे लगता है कि बहुत जल्द ही चोरहर घाट के समीप भीषण कटाव होगा. जिसमें करोड़ों की लागत से तैयार जिओ बैग पीचिंग कार्य कोसी में समा जाएगा. जान-माल की क्षति होने की संभावना प्रबल हो गई है अभी भी लोग जिस जगह पर कटा हो रहा है उस जगह बने घर में रह रहे हैं प्रशासन के आदेश के बावजूद लोगों ने घर खाली नहीं किया कोसी कटाव के मुहाने पर रह रहे लोगों के घर कोसी में समा सकते हैं और जान-माल की क्षति भी हो सकती है.

चोरहर चौक के समीप हो धसान

शनिवार को चोरहर चौक के समीप भीषण धसान शुरू हो गया है. तकरीबन सौ मीटर के दायरे में जियो बैग कार्य दरक गया है. कोसी में समा रहा है. ग्रामीणों को लग रहा है कि जिस प्रकारधसान हो रहा है उससे भीषण और भयावह कटाव की आशंका प्रबल हो गयी है. जिस जगह धसान हो रहा है उसके समीप कई लोगों का आवासीय घर, दुकान है.कटाव होने पर तटीय इलाकों में बसे तकरीबन 20 से 25 घर ध्वस्त होकर खुशी में समा जाएगा. जिस हिसाब से धसान हो रहा है और कटाव की रफ्तार तेज है उससे लगता है कि आने वाले समय में करोड़ों की लागत से तैयार चोरहर भवनपुरा पुल के अस्तित्व पर भी संकट का बादल मंडराने लगा है.

क्या कहते है ग्रामीण

ग्रामीण राजेश पंडित, दशरथ पंडित, सिंटू आदि लोगों का कहना है कि भीषण कटाव होने से चोरहर चौक के समीप बसे लोगों के घरों का अस्तित्व पर संकट है. आबादी समेत लोगों का घर कोसी में समा सकता है. लोग बेघर हो जाएंगे. अविलंब हम लोगों के घर को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा मुकम्मल प्रबंध कराया जाए. अन्यथा हम लोगों का घर और दुकान कभी भी ध्वस्त होकर कोसी में समा जाएगा. पूर्व की घटना से सीख लेते हुए बचाव कार्य तेज कर दिया जाए. जितना भी कटाव निरोधी कार्य हुआ है उसमें कटाव निरोधी कार्य के लिए आवंटित धन का बंदरबांट हुआ है.

करोड़ों की लागत से काम हुआ है लेकिन एक साल भी तटबंध और कटाव निरोधी कार्य दुरुस्त स्थिति में नहीं रह पा रहा है.कटाव निरोधी कार्य घटिया और दोयम दर्जे का हुआ. जिस समय काम हो रहा था उसी समय ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरती गई और घटिया कार्य का लीपापोती हुआ.अभियंताओं की मौजूदगी में एप्रोन नहीं बनाया गया.बिना बुनियाद बनाए स्लोप बनाकर जिओ बैग डाल दिया गया जिससे जगह-जगह जिओ बैग का भीषण कटाव शुरू है. बहुत जल्द ही चार करोड़ की लागत से तैयार योजनाएं ध्वस्त होकर कोसी में समा जाएगा. जिसमें जान माल की भी क्षति की आशंका प्रबल हो गयी है.

क्या कहते हैं अंचलाधिकारी

इस संदर्भ में पूछे जाने पर खरीक अंचलाधिकारी विनय शंकर पंडा ने कहा चोरहर में कटाव तेज हो गया है.लोगों की आबादी और घर के अस्तित्व पर संकट आ गया है. इस बाबत नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी मुकेश कुमार से चोरहर में बचाव कार्य अविलंब शुरू कराने का निवेदन किया है.

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By Rishav Mishra Krishna

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