एसटीएफ व स्थानीय पुलिस ने खगड़िया के पसराहा के शहीद थानेदार आशीष सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी व 50 हजार के इनामी दिनेश मुनि काे बुधवार की देर रात नारायणपुर के दुधैला दियारा में मुठभेड़ में मार गिराया। दिनेश मुनि को तीन गोली लगी। अंधेरे का फायदा उठाकर दिनेश के दो सहयोगी फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल से दो कारबाइन, एक दोनाली बंदूक, 22 गोली, दो खोखा व अन्य सामग्री बरामद की है। नवगछिया पुलिस ने गुरुवार को भागलपुर में पोस्टमार्टम कराने के बाद उसके परिजनों को शव लेने के लिए बुलाया, लेकिन परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया।
दिनेश के पिता कमलेश्वरी उर्फ महेश्वर मुनि ने कहा कि उसका बेटा नालायक था। वह उसका मुंह भी नहीं देखना चाहते हैं। दिनेश मुनि मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड की चिरौरी पंचायत के तिनमोही का रहने वाला था। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने पटना में रह रही आशीष की पत्नी पुतुल सिंह से मिलकर उनके पति के हत्यारे के मारे जाने की जानकारी दी। आशीष सहरसा के सिमरी बख्तियारपुर के सरोजा गांव के रहने वाले थे। 12 अक्टूबर, 2018 की रात दुधेला दियारा में दिनेश मुनि गिरोह से मुठभेड़ में वे शहीद हो गए थे। 20 महीने बाद पुलिस ने अाराेपी काे मार गिराया।

खगड़िया में आठ केस दर्ज है कुख्यात अपराधी पर
कुख्यात अपराधी दिनेश मुनि पर कई जिलों में मामला दर्ज है। सिर्फ खगड़िया जिले में ही आठ केस दर्ज है। जिले के मड़ैया ओपी में छह मामले 2017 में दर्ज किया गया। ये सभी मामले लूट व छिनतई से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा दो केस पसराहा थाना में दर्ज है। इसके अलावा मधेपुरा के चौसा थाना में 2011 में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पसराहा के तत्कालीन थानेदार आशीष हत्या के मामले में 2018 में बिहपुर-नवगछिया थाने मेंं मामला दर्ज है। पुलिस सभी मामलों में उसकी तलाश में काफी दिनों से जुटी हुई थी।

एसपी बोलीं- लॉकडाउन में दियारा को ठिकाना बना रखा था दिनेश ने
नवगछिया एसपी निधि रानी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि दिनेश मुनि ने लॉकडाउन में दियारा को ठिकाना बनाया है। सात दिन तक पुलिस ने दियारे की रेकी की। पुलिस दिनेश की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। खुफिया जानकारी मिली कि बुधवार रात दिनेश कुछ साथियों के साथ दियारा के मकई के खेत में ताड़ी पार्टी करने वाला है। जब एसटीएफ व जिला पुलिस की टीम दिनेश के ठिकाने पर पहुंची तो वह साथियों के साथ पुलिस पर फायरिंग करने लगा। करीब एक घंटे तक दोनों ओर से करीब 60 राउंड गोलियां चलीं। इसमें दिनेश मुनि मारा गया। फायरिंग के समय घुप अंधेरा था, इसलिए उसके दाे साथी फरार हो गए। पुलिस उसका पता लगा रही है। मौके से काफी असलहे बरामद किए गए हैं। नवगछिया एसडीपीओ प्रवेंद्र भारती, गोगरी एसडीपीओ पीके झा, खगड़िया के अलौली थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार, बिहपुर सर्किल इंस्पेक्टर एनएस चौहान, भवानीपुर ओपी अध्यक्ष नीरज कुमार, बिहपुर थानाध्यक्ष रणजीत कुमार मौके पर पहुंचे और दिनेश की पहचान की।

