नेशनल कोविड-19 सुपरमॉडल कमेटी ने दावा किया है कि देश में काेविड की तीसरी लहर ओमिक्रॉन की वजह से आएगी। अगले साल फरवरी में तीसरी लहर का पीक आने की संभावना है। कमेटी के प्रमुख एम. विद्यासागर ने शनिवार को कहा, ओमिक्रॉन जैसे-जैसे डेल्टा वैरिएंट की जगह लेगा, रोज आने वाले केस बढ़ेंगे, जो अभी 7,500 के अास-पास हैं। उन्हाेंने बताया, ‘तीसरी लहर अगले साल शुरुआत में अा सकती है। देश में बड़े पैमाने पर लोगों में इम्यूनिटी है, इसलिए यह दूसरी लहर से कम घातक होगी।’ आईआईटी हैदराबाद के प्रो. विद्यासागर ने कहा, तीसरी लहर में पहले के मुकाबले केस भी कम आएंगे। बुरी से बुरी स्थिति में भी रोज आने वाले केस दो लाख से अधिक नहीं होंगे। तमिलनाडु ने केंद्र सरकार से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के काेरोना टेस्ट को लेकर जारी गाइडलाइन बदलने का आग्रह किया है। दरअसल राज्य में गैर-जोखिम देश से आए यात्री में ओमिक्रॉन संक्रमण मिला है। यह राज्य का पहला केस है।
4 राज्यों में ओमिक्रॉन के 30 और केस, कुल 143 से अधिक
देश में ओमिक्रॉन के 30 और केस मिले हैं। यह एक दिन में मिले ओमिक्रॉन संक्रमण के मामलों की सबसे बड़ी संख्या है। इसके साथ ही देश में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या बढ़कर 143 हो गई है। शनिवार को महाराष्ट्र में 8, कर्नाटक में 6, तेलंगाना में 12 और केरल में 4 केस मिले। कर्नाटक में शनिवार को मिले छह में से पांच मरीज दो शिक्षण संस्थानों से हैं।

बिहार में तीसरी लहर की मॉनिटरिंग व इलाज के लिए बनी कमिटी
पटना| राज्य में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति तथा संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए इसकी रोकथाम व इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने राज्यस्तरीय कोर कमिटी बनाई है। पटना हाईकोर्ट की ओर से 17 दिसंबर को दिए गए निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को इस राज्यस्तरीय कमिटी का गठन किया है। इस कमिटी की अध्यक्षता राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक संजय कुमार सिंह करेंगे। कमिटी में स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव कौशल कुमार, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. नवीन चंद्र प्रसाद, बीएमएसआईसीएलके मुख्य महाप्रबंधक रजनीकांत, स्वास्थ्य विभाग के उप सचिव शैलेश कुमार, राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रशासी पदाधिकारी सुमन प्रसाद साह, उप सचिव राजेश कुमार, निरंजन कुमार तथा राज्य स्वास्थ्य समिति के सहायक निदेशक औषधि मनीष रंजन शामिल हैं। शनिवार को बिहार में कोरोना के 6 केस मिले हैं।
महाराष्ट्र में बच्ची में ओमिक्रॉन मिला
युगांडा से 9 दिसंबर को लौटे दंपती और उनकी 13 साल की बच्ची में ओमिक्रॉन वैरिएंट मिला है। वहीं, नवी मंंुबई के एक स्कूल के 18 छात्र कोविड संक्रमित मिले हैं। जबकि दिल्ली में मिले 20 ओमिक्रॉन संक्रमितों में से 18 में कोई लक्षण नहीं हैं। दाे में हल्के लक्षण हैं।
सुपरमॉडल पैनल का दावा } दूसरी से तीसरी लहर कम घातक होगी

